(रणभेरी) : पंजाब में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है। गुरुवार को दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी के मुख्यालय के बाहर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया गया और पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन में दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसद बांसुरी स्वराज, कमलजीत सहरावत तथा राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और पार्टी कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।
स्वाति मालीवाल ने साधा पंजाब सरकार पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में परीक्षा प्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जिन मामलों को स्वीकार किया गया था, अब उन्हीं घटनाओं से इनकार किया जा रहा है। मालीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी जनता के सामने एक अलग चेहरा पेश करती है, जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अरविंद केजरीवाल और पंजाब सरकार के खिलाफ कई नारे लगाए और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की।
हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने राजनीति में आने के दौरान सादगी और ईमानदारी की बात की थी, लेकिन समय के साथ उनके कई वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की जनता ने इन्हीं कारणों से आम आदमी पार्टी से दूरी बनाई।
मल्होत्रा ने कहा कि जब केजरीवाल न्यायिक हिरासत में थे, तब भी उन्होंने मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ा और जेल से सरकार चलाने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि अब पंजाब में भी शासन व्यवस्था प्रभावित हो रही है और राज्य सरकार जनता के मुद्दों पर ध्यान देने में असफल साबित हो रही है।
पंजाब सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल
बीजेपी नेताओं का कहना है कि पंजाब में हाल ही में फार्मेसी से संबंधित परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। उनका आरोप है कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आ चुके हैं।
बीजेपी का कहना है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर कमजोर हो रहा है। पार्टी ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने किए कड़े सुरक्षा इंतजाम
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया। आम आदमी पार्टी कार्यालय के बाहर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी ताकि प्रदर्शनकारी मुख्यालय तक न पहुंच सकें।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मौके पर पानी की बौछार (वॉटर कैनन) और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी तैयारी रखी गई थी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित बनाए रखा और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ता रहा।
छात्रों के समर्थन का दावा
बीजेपी नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब के छात्रों के साथ खड़ी है और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उनका कहना है कि यदि सरकार छात्रों के हितों की अनदेखी करती है तो भविष्य में भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
पार्टी नेताओं ने दोहराया कि पंजाब सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए और पेपर लीक के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
पंजाब में कथित पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। एक ओर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगा रही है, वहीं आम आदमी पार्टी इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। वहीं छात्र संगठन और अभिभावक भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं।
