वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में गुरुवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक के दौरान आरसीएच (रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ) पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही पहली बार गर्भवती हुई महिलाओं के रजिस्ट्रेशन, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी), संस्थागत प्रसव और विभिन्न मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने जिन ब्लॉकों में पंजीकरण और अन्य सेवाओं की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां विशेष अभियान चलाकर स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित होने से उन्हें स्वास्थ्य विभाग की सभी आवश्यक सेवाएं, जांच और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इसलिए प्रत्येक पात्र महिला का रिकॉर्ड आरसीएच पोर्टल पर अपडेट रखा जाए और फील्ड स्तर पर इसकी नियमित निगरानी की जाए।
बैठक में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (एमओआईसी) को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड तेजी से बनाए जाएं। विशेष रूप से 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायत सहायकों के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र लोगों की पहचान की जाए और जिनका नाम सूची में शामिल नहीं है, उनका नाम जोड़ने की कार्रवाई कराई जाए। साथ ही गांव-गांव विशेष शिविर लगाकर लोगों को योजना की जानकारी दी जाए और अधिक से अधिक पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत सभी पात्र महिलाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान शत-प्रतिशत और समय पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी लाभार्थी को आर्थिक सहायता मिलने में देरी न हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी डी. लके सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
