(रणभेरी): नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 27 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी। गुरुवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे। यहां जेपी नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।हालांकि, वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बावजूद जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन खत्म नहीं किया जाएगा। जंतर-मंतर पर आंदोलन शुक्रवार को 35वें दिन में प्रवेश कर गया है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अब भी वहां मौजूद हैं।
इस बीच देर रात संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। CJP ने शुक्रवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा भी की है।

हिंसा की आशंका के चलते लिया फैसला
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे लगातार अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। सरकार के साथ हुई बातचीत में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। साथ ही देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने आंदोलन की रणनीति बदलने और अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
किन शर्तों पर टूटा अनशन
लेह एपेक्स बॉडी के सह-संयोजक शेरिंग दोरजे लकरुक के अनुसार, सरकार की ओर से कुछ लिखित आश्वासन मिलने के बाद वांगचुक ने भूख हड़ताल समाप्त की। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—
- यदि आंदोलन में शामिल छात्र हिंसा में शामिल नहीं पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
- आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और इस संबंध में लिखित आश्वासन दिया गया है।
28 जून से शुरू किया था आमरण अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून को नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। लगातार बिगड़ती सेहत के कारण उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए 21 जुलाई को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा।

.CJP ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत किया, लेकिन कहा कि आंदोलन अपने उद्देश्य तक पहुंचे बिना खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा।
फिलहाल राजधानी दिल्ली में आंदोलन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। जंतर-मंतर और संसद मार्ग सहित संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी देशभर में विरोध कार्यक्रमों के जरिए सरकार पर दबाव बनाए रखने की तैयारी में जुटे हैं।
