वाराणसी (रणभेरी): शहर में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को बनाए रखने की मांग को लेकर एक स्थानीय नागरिक ने पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है। सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर कथित रूप से सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने और समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने वाली सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भेलूपुर थाना क्षेत्र के क्षेत्री तालाब निवासी सलमा उर्फ सलमा (किन्नर) ने पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर एक प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक प्रवृत्ति के लोग सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे तत्व कथित रूप से भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक टिप्पणियां और विवादास्पद वीडियो साझा कर समाज में अशांति का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली कुछ सामग्रियां धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं, जिनसे लोगों के बीच अविश्वास और कटुता बढ़ने की आशंका बनी रहती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सलमा ने प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है तथा किसी भी समुदाय के प्रति नफरत फैलाने वाली गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ अज्ञात लोग कथित रूप से वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री के माध्यम से एक विशेष समुदाय को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी सामग्री के प्रसार से सामाजिक वातावरण प्रभावित होने और लोगों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना जताई गई है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और शहर का शांतिपूर्ण माहौल कायम रहे।
स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने के लिए अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और नफरत फैलाने वाली सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। वहीं, प्रशासन से भी अपेक्षा की जा रही है कि ऐसे मामलों पर सतर्क निगरानी रखकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
