बीएड अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ीं: परीक्षा के बाद वाराणसी स्टेशन पर अव्यवस्था से परेशान हुए छात्र

बीएड अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ीं: परीक्षा के बाद वाराणसी स्टेशन पर अव्यवस्था से परेशान हुए छात्र

वाराणसी (रणभेरी): उत्तर प्रदेश बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा संपन्न होने के बाद घर लौट रहे हजारों अभ्यर्थियों को वाराणसी रेलवे स्टेशन पर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। दूर-दराज के जिलों और पड़ोसी राज्य बिहार से आए छात्रों ने रेलवे स्टेशन पर भीड़, पेयजल की कमी, मोबाइल चार्जिंग की अपर्याप्त व्यवस्था तथा ट्रेनों के विलंब को लेकर नाराजगी व्यक्त की। कई परीक्षार्थियों ने दावा किया कि प्रशासन द्वारा की गई तैयारियां और विशेष व्यवस्थाओं के दावे जमीनी स्तर पर प्रभावी दिखाई नहीं दिए।

परीक्षार्थियों के अनुसार परीक्षा देने के लिए वाराणसी पहुंचने के दौरान भी उन्हें कई चुनौतियों से गुजरना पड़ा। कुछ छात्रों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों की सही जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव में उन्हें काफी परेशानी हुई। कई अभ्यर्थियों को स्थानीय लोगों, ऑटो चालकों और बस संचालकों की सहायता लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ा।

बीएड अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ीं: परीक्षा के बाद वाराणसी स्टेशन पर अव्यवस्था से परेशान हुए छात्र

बिहार के विभिन्न जिलों से आए छात्रों ने बताया कि शहर में पहली बार आने के कारण उन्हें परीक्षा केंद्र खोजने में काफी समय लगा। उनका कहना था कि यदि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सूचना बोर्ड और हेल्प डेस्क की व्यवस्था होती तो अभ्यर्थियों को भटकना नहीं पड़ता।

परीक्षा समाप्त होने के बाद जब हजारों छात्र रेलवे स्टेशन पहुंचे तो वहां यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालयों में जगह कम पड़ने लगी। कई छात्रों को घंटों तक ट्रेन आने का इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ को बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं मिल सका।

अभ्यर्थियों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच स्टेशन परिसर में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं था। पानी की तलाश में यात्रियों को इधर-उधर भटकना पड़ा। इसके अलावा मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए उपलब्ध चार्जिंग प्वाइंट्स भी जरूरत के मुकाबले बेहद कम थे, जिससे विद्यार्थियों को काफी असुविधा हुई। कई छात्रों के मोबाइल बंद हो जाने के कारण उन्हें अपने परिवार से संपर्क करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

छात्रों ने परीक्षा के मद्देनजर चलाई गई विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रशासन द्वारा बेहतर यातायात और सुगम आवागमन के दावे किए गए थे, लेकिन स्टेशन पर पहुंचने के बाद वास्तविक स्थिति अलग नजर आई। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित समय से काफी अधिक देर तक ट्रेनों की प्रतीक्षा करनी पड़ी।

परीक्षार्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान लाखों छात्र विभिन्न शहरों में पहुंचते हैं, ऐसे में रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर विशेष प्रबंधन की आवश्यकता होती है। यदि पहले से पर्याप्त तैयारी की जाए तो छात्रों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सकता है।

बीएड अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ीं: परीक्षा के बाद वाराणसी स्टेशन पर अव्यवस्था से परेशान हुए छात्र

छात्रों और अभिभावकों ने रेलवे प्रशासन तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में बड़े स्तर की परीक्षाओं के दौरान रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त पेयजल व्यवस्था, पर्याप्त चार्जिंग प्वाइंट्स, सहायता केंद्र, सुरक्षा व्यवस्था तथा अतिरिक्त ट्रेनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि बेहतर प्रबंधन से दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और परीक्षा के बाद यात्रा अधिक सुगम बन सकेगी।

स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि वाराणसी जैसे बड़े शहर में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान प्रशासन को यातायात और यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना समय की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल परीक्षा देकर लौट रहे छात्रों की परेशानी चर्चा का विषय बनी हुई है और अभ्यर्थी उम्मीद कर रहे हैं कि आगामी आयोजनों में व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।

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