कॉकरोच जनता पार्टी बनी सोशल मीडिया सनसनी, 6 दिन में ही करोड़ों फॉलोअर्स का आंकड़ा पार

कॉकरोच जनता पार्टी बनी सोशल मीडिया सनसनी, 6 दिन में ही करोड़ों फॉलोअर्स का आंकड़ा पार

(रणभेरी) : देश की राजनीति और सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नई और अजीबो-गरीब राजनीतिक पहल चर्चा में है ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’, जिसने गठन के महज छह दिनों के भीतर ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर ली है।

गुरुवार दोपहर तक इस पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या 1.34 करोड़ से अधिक पहुंच गई, जो देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से भी ज्यादा बताई जा रही है। तुलना में कांग्रेस के करीब 1.33 करोड़, भारतीय जनता पार्टी के लगभग 87 लाख, आम आदमी पार्टी के भी लगभग 87 लाख और सीपीआई(एम) के लगभग 2.35 लाख फॉलोअर्स दर्ज किए जा रहे हैं।

X (पूर्व ट्विटर) पर विवाद और कार्रवाई

पार्टी का X (ट्विटर) अकाउंट भी तेजी से लोकप्रिय हुआ था, जहां करीब 1.93 लाख फॉलोअर्स तक पहुंचने के बाद अचानक अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि यह कार्रवाई अचानक हुई और उन्हें उम्मीद थी कि ऐसा हो सकता है। उनके अनुसार, प्लेटफॉर्म ने यह कदम स्थानीय नियमों, कानूनी आदेश या किसी आधिकारिक शिकायत के आधार पर उठाया है।

कॉकरोच जनता पार्टी बनी सोशल मीडिया सनसनी, 6 दिन में ही करोड़ों फॉलोअर्स का आंकड़ा पार

कैसे बनी यह पार्टी

यह पूरी पहल 15 मई की उस घटना के बाद सामने आई, जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं का उदाहरण देते हुए ‘कॉकरोच’ शब्द का प्रयोग किया था। इस टिप्पणी के अगले ही दिन सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया स्वरूप इस अनोखी पार्टी की शुरुआत की गई।

नारा और विचारधारा

CJP ने खुद को एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया है। इसका नारा रखा गया है—“सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी” यानी एक ऐसी पहचान जो गंभीर राजनीति की बजाय सामाजिक व्यंग्य और युवाओं की निराशा को दर्शाती है। पार्टी का लोगो भी सार्वजनिक किया गया है, जिसमें कॉकरोच प्रतीकात्मक रूप में दिखाया गया है।

सदस्यता की शर्तें

पार्टी में शामिल होने के लिए जो “योग्यताएं” बताई गई हैं, वे पारंपरिक राजनीतिक दलों से बिल्कुल अलग हैं। इनमें शामिल हैं-

  • बेरोजगारी होना
  • आलस्य को स्वीकार करना
  • लंबे समय तक ऑनलाइन सक्रिय रहना
  • और अपनी बात व्यंग्य या नाराजगी के रूप में व्यक्त करने की क्षमता
  • घोषणापत्र में विवादित वादे

पार्टी द्वारा जारी प्रारंभिक एजेंडे में कई ऐसे प्रस्ताव शामिल हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इनमें कहा गया है कि-

  • सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों को राज्यसभा भेजने की परंपरा खत्म की जाएगी
  • गलत तरीके से वोट हटाने पर चुनाव आयोग के खिलाफ कठोर कार्रवाई का प्रावधान होगा
  • संसद और मंत्रिमंडल में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा
  • बड़े कॉर्पोरेट मीडिया संस्थानों के लाइसेंस की समीक्षा की जाएगी
  • दल-बदल करने वाले जनप्रतिनिधियों पर लंबे समय तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाएगी

संस्थापक की पृष्ठभूमि

पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके वर्तमान में अमेरिका की एक विश्वविद्यालय में पब्लिक रिलेशन की पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पहले वह 2020 से 2023 तक एक राजनीतिक दल की सोशल मीडिया टीम से भी जुड़े रहे हैं।उनका कहना है कि यह विचार सोशल मीडिया पर युवाओं की प्रतिक्रियाओं से प्रेरित होकर सामने आया, जहां बेरोजगारी और सिस्टम को लेकर नाराजगी लगातार सामने आ रही थी।

कॉकरोच जनता पार्टी बनी सोशल मीडिया सनसनी, 6 दिन में ही करोड़ों फॉलोअर्स का आंकड़ा पार

जमीनी प्रदर्शन और समर्थन

दिल्ली में कुछ समर्थकों ने कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर यमुना किनारे सफाई अभियान भी चलाया, जिसे एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों का दावा है कि यह फिलहाल चुनावी राजनीति से अधिक युवाओं की आवाज और असंतोष को मंच देने का प्रयास है।

युवाओं में क्यों बढ़ रहा समर्थन

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में देरी और पेपर लीक जैसे मुद्दों के कारण युवाओं में असंतोष बढ़ा है। इसी माहौल में इस तरह के व्यंग्यात्मक आंदोलन तेजी से वायरल हो रहे हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें व्यापक समर्थन मिल रहा है।

विवाद पर सफाई

इस बीच, जिस टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ था, उस पर बाद में स्पष्टीकरण भी आया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि उनकी टिप्पणी का संदर्भ विशेष रूप से फर्जी डिग्रियों और गलत तरीकों से पेशे में प्रवेश करने वालों से था, न कि सामान्य युवाओं से।

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