वाराणसी (रणभेरी) : Banaras Hindu University के बाल गंगाधर तिलक छात्रावास में बुधवार देर रात छात्रों और छात्रावास प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बन गई। छात्रावास परिसर में करीब आधी रात तक हंगामा चलता रहा। छात्रों का आरोप है कि एक छात्र के साथ वार्डन ने अभद्र व्यवहार किया, उसका कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की की और कमरे में बनाया गया भोजन फिंकवा दिया। घटना के बाद छात्रों में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में छात्र छात्रावास परिसर में इकट्ठा हो गए।
जानकारी के अनुसार, मामला एमएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के छात्र कुमार सौरभ से जुड़ा है। छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि छात्रावास की मेस व्यवस्था लंबे समय से ठीक ढंग से संचालित नहीं हो रही है। भोजन की गुणवत्ता खराब होने और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण वह रात में अपने कमरे में खाना बना रहा था।
छात्र का कहना है कि इसी दौरान छात्रावास वार्डन कुछ सुरक्षा कर्मियों के साथ उसके कमरे में पहुंचे। आरोप है कि वार्डन ने छात्र के साथ सख्त और अपमानजनक व्यवहार किया। छात्र द्वारा तैयार भोजन को डस्टबिन में फिंकवा दिया गया तथा खाना बनाने में उपयोग हो रहे सामान को जब्त कर लिया गया। इतना ही नहीं, छात्र को कमरे से बाहर निकालकर कमरे में ताला लगा दिया गया।
पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया कि उसे पूरी रात छात्रावास परिसर के मैदान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। घटना की जानकारी अन्य छात्रों को मिलने के बाद छात्रावास में माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

स्थिति बिगड़ती देख विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद मामला अस्थायी रूप से शांत हुआ, लेकिन छात्रों में अब भी नाराजगी बनी हुई है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने छात्रावासों में मेस संचालन की व्यवस्था सुधारने, भोजन की गुणवत्ता बेहतर करने और छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।
घटना के बाद छात्रावास प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों के बीच चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
