चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: यूपी-बिहार से 3 आरोपी गिरफ्तार, डिजिटल ट्रेल से खुला सुराग

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: यूपी-बिहार से 3 आरोपी गिरफ्तार, डिजिटल ट्रेल से खुला सुराग

(रणभेरी): नॉर्थ 24 परगना में हुए चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को तीनों आरोपियों—मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह-को बारासात अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, मयंक और विक्की को बिहार के बक्सर से जबकि राज सिंह को उत्तर प्रदेश के अयोध्या से पकड़ा गया। पुलिस को संदेह है कि राज सिंह पेशेवर शूटर हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

डिजिटल सबूतों से खुला सुराग

जांच एजेंसियों का कहना है कि इस केस में सबसे अहम भूमिका एक UPI ट्रांजैक्शन और CCTV फुटेज ने निभाई। टोल प्लाजा पर किए गए ऑनलाइन भुगतान से जुड़े मोबाइल नंबर की मदद से पुलिस संदिग्धों तक पहुंची। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और वाहन की आवाजाही की जांच ने पूरे नेटवर्क को जोड़ने में मदद की।

8 लोगों की भूमिका की आशंका

पुलिस का मानना है कि इस पूरी साजिश में कम से कम 8 लोग शामिल हो सकते हैं। वारदात से पहले आरोपियों ने इलाके की कई दिनों तक रेकी की थी और पूरी योजना बनाकर हमला किया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर एक टोल प्लाजा से गुजरे थे, जहां से उनकी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड मिला। पुलिस अब फंडिंग और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

फर्जी नंबर प्लेट और बदली गाड़ियां

जांच में यह भी सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल की गई कार और बाइक दोनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। एक वाहन का इंजन और चेसिस नंबर तक मिटा दिया गया था। घटना के बाद आरोपी अलग-अलग वाहनों से मौके से फरार हुए, जिनमें एक लाल रंग की कार भी शामिल बताई जा रही है, जो बाद में CCTV में कैद हुई।

विशाल श्रीवास्तव से पूछताछ

इस मामले में पुलिस ने बिहार के कुख्यात अपराधी विशाल श्रीवास्तव से भी पूछताछ की, लेकिन प्रत्यक्ष संलिप्तता न मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। विशाल पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

राज सिंह की पृष्ठभूमि पर सवाल

गिरफ्तार आरोपी राज सिंह को लेकर भी कई जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि वह राजनीति से जुड़ने की कोशिश कर रहा था और स्थानीय स्तर पर सक्रिय था। सोशल मीडिया पर उसकी कई राजनीतिक हस्तियों के साथ तस्वीरें भी सामने आई हैं।

6 मई को मध्यमग्राम इलाके में चंद्रनाथ रथ पर उस समय हमला हुआ जब वे कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। उनकी कार को रास्ते में रोका गया और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। गंभीर रूप से घायल रथ की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस अब इस हत्याकांड को सुनियोजित सुपारी किलिंग मानकर जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पूरा नेटवर्क धीरे-धीरे सामने आ रहा है।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *