वाराणसी (रणभेरी): जिले में वृद्धावस्था पेंशन योजना को लेकर शासन ने सख्त कदम उठाए हैं। योजना में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के उद्देश्य से नियमों में अहम संशोधन किया गया है। अब पेंशन के लिए आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को मान्य नहीं माना जाएगा। इसके बजाय लाभार्थियों को अपनी आयु प्रमाणित करने के लिए शैक्षिक प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की सत्यापित प्रति जमा करनी होगी।
इसी बदलाव के चलते जनपद में लगभग 30 हजार लाभार्थियों की पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बाद ही पेंशन बहाल की जाएगी।
21 मार्च को जारी हुआ आदेश, ऑनलाइन अपडेट अनिवार्य
जिला समाज कल्याण विभाग को 21 मार्च को शासन स्तर से इस संबंध में निर्देश प्राप्त हुए थे। नए नियमों के तहत अब सभी नए आवेदकों को आवेदन के साथ वैध जन्मतिथि प्रमाण देना अनिवार्य होगा। साथ ही, अक्टूबर 2024 के बाद जिन लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत हुई है, उन्हें भी अपने दस्तावेज पोर्टल पर अपडेट करने होंगे। जब तक दस्तावेज सत्यापित नहीं होते, तब तक संबंधित लाभार्थियों के खातों में पेंशन राशि जारी नहीं की जाएगी।
ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
पेंशन आवेदन और संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। इसके लिए लाभार्थियों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के समय आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक के साथ शैक्षिक प्रमाण पत्र या परिवार रजिस्टर की प्रति अपलोड करना अनिवार्य है।
जिले में 1.28 लाख पेंशनधारक
वर्तमान में जिले में करीब 1.28 लाख वृद्धावस्था पेंशनधारक पंजीकृत हैं, जिन्हें नियमित रूप से पेंशन मिल रही है। हालांकि, अक्टूबर 2024 के बाद जुड़े लाभार्थियों के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, जो दस्तावेज अपडेट होने के बाद ही जारी होगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद्र दुबे ने बताया कि लाभार्थियों को आवेदन में संशोधन और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो वह परिवार रजिस्टर की प्रमाणित प्रति भी जमा कर सकता है। निर्धारित समय में दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
पात्रता के मुख्य बिंदु
- आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक का बीपीएल श्रेणी में होना आवश्यक है।
- किसी अन्य पेंशन योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से पात्र लोगों तक ही योजना का लाभ पहुंचेगा और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
