जबलपुर से जुड़ा मामला: OTT सीरीज में “ग्लैमरस क्राइम इमेज” दिखाने के आरोप, NHRC ने नेटफ्लिक्स से मांगा जवाब

जबलपुर से जुड़ा मामला: OTT सीरीज में “ग्लैमरस क्राइम इमेज” दिखाने के आरोप, NHRC ने नेटफ्लिक्स से मांगा जवाब

(रणभेरी): मध्य प्रदेश के जबलपुर से जुड़े कथित सटोरिए सतीश सनपाल को लेकर बनी एक वेब सीरीज ‘देसी ब्लिंग’ अब विवादों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि इस सीरीज में सट्टा और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक व्यक्ति की जीवनशैली को बेहद आकर्षक और सफल कारोबारी की तरह प्रस्तुत किया गया है। मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हस्तक्षेप करते हुए OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स से जवाब तलब किया है।

जानकारी के अनुसार, जबलपुर निवासी योगेंद्र सिंह ने आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया है कि ओटीटी कंटेंट के जरिए ऐसे व्यक्तियों को, जिन पर गंभीर आर्थिक अपराधों और अवैध गतिविधियों के आरोप रहे हैं, उन्हें “रोल मॉडल” या “स्टाइल आइकॉन” की तरह दिखाया जा रहा है। इससे युवाओं में गलत संदेश जाने की आशंका जताई गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ‘देसी ब्लिंग’ वेब सीरीज में संबंधित व्यक्ति की लग्जरी लाइफस्टाइल, हाई-प्रोफाइल नेटवर्क और विदेश में शानदार जीवन को इस तरह दिखाया गया है, मानो यह सफलता का प्रतीक हो। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह का चित्रण मेहनत और वैध कमाई के बजाय शॉर्टकट और संदिग्ध तरीकों से धन अर्जन को बढ़ावा दे सकता है।

‘40 किलो सोने’ के दावे से चर्चा और तेज

शिकायतकर्ता ने यह भी उल्लेख किया है कि सतीश सनपाल द्वारा सार्वजनिक मंचों पर अपनी पत्नी को कथित तौर पर 40 किलो सोना उपहार में देने जैसे दावे किए गए थे। आरोप है कि ऐसे दावों और सोशल मीडिया पर दिखाए गए जीवनशैली के जरिए उनकी छवि एक बेहद अमीर और प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में स्थापित की गई।

इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत से जुड़े कई चेहरे उनके साथ नजर आते रहे हैं, जिससे उनकी “ग्लैमरस इमेज” और अधिक मजबूत हुई है।

दुबई में रहने और लग्जरी जीवन का दावा

रिपोर्टों के मुताबिक, सतीश सनपाल पिछले कुछ वर्षों से भारत से बाहर दुबई में रह रहा है और वहीं से अपने आप को एक हाई-प्रोफाइल बिजनेसमैन के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। सोशल मीडिया पर लग्जरी कारों, पार्टियों और भव्य जीवनशैली से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी अक्सर चर्चा में रहे हैं।

पुलिस मामलों और जांच की स्थिति

स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सतीश सनपाल के खिलाफ जबलपुर के ओमती और सिविल लाइन थानों में विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, वह कुछ मामलों में अदालत में ऑनलाइन पेश भी हुआ था और उसे जमानत मिल चुकी है। हालांकि, अन्य मामलों में जांच प्रक्रिया अभी भी जारी बताई जा रही है।

NHRC की कार्रवाई

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मामले में शिकायत मिलने की पुष्टि की है। आयोग का कहना है कि वेब सीरीज में सट्टा और जुआ से जुड़ी जीवनशैली को आकर्षक रूप में दिखाने के आरोप गंभीर हैं। इसी आधार पर संबंधित OTT प्लेटफॉर्म से विस्तृत जवाब मांगा गया है।

सवालों के घेरे में OTT कंटेंट

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे व्यक्तियों की कहानियों को प्रस्तुत करते समय उनकी पृष्ठभूमि और आरोपों को पर्याप्त रूप से दिखाया जाना चाहिए या नहीं। आलोचकों का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर अपराध या संदिग्ध गतिविधियों को “सक्सेस स्टोरी” की तरह पेश करना सामाजिक रूप से गलत संदेश दे सकता है। फिलहाल, नेटफ्लिक्स की ओर से इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *