- रातभर हड़कंप, घबराहट में खरीदारी से बिगड़ी व्यवस्था
- ईरान-इजरायल युद्ध की अफवाह से मचा हड़कंप, घंटों में चार गुना बढ़ी खपत
- ‘नो स्टॉक’ बोर्ड देखते ही बढ़ी दहशत, शहरभर में लंबी कतार
- प्रशासन अलर्ट: तेल की कमी नहीं, अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई तय
वाराणसी (रणभेरी)। बुधवार की शाम काशी में अफवाहों ने ऐसा असर दिखाया कि पूरा शहर अचानक अफरा-तफरी की गिरफ्त में आ गया। ईरान-इजरायल युद्ध के बहाने सोशल मीडिया पर फैली तेल संकट की भ्रामक खबरों ने लोगों में इस कदर डर पैदा कर दिया कि कुछ ही घंटों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालात यह रहे कि आधी रात तक शहर के कई प्रमुख इलाकों में लंबी कतारें और भीषण जाम देखने को मिला। शाम करीब 6 बजे के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों…दुर्गाकुंड, संकटमोचन, ट्रामा सेंटर और रविन्द्रपुरी में पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़नी शुरू हुई। शुरुआत में सामान्य दिखने वाली स्थिति जल्द ही बेकाबू हो गई। दोपहिया और चार पहिया वाहनों की कतारें सड़कों पर फैलती चली गईं, जिससे मुख्य मार्गों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और कई जगहों पर चक्का जाम जैसी स्थिति बन गई।
हालात तब और बिगड़ गए जब कई पेट्रोल पंपों का ईंधन स्टॉक सम
य से पहले ही खत्म हो गया। पंप संचालकों ने ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगा दिए, जिसने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया। इसके बाद लोग तेजी से दूसरे इलाकों भेलूपुर, मैदागिन और राजघाट की ओर रुख करने लगे। वहां भी देर रात तक भारी भीड़ और अव्यवस्था का माहौल बना रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह संकट किसी वास्तविक तेल कमी का परिणाम नहीं, बल्कि घबराहट में खरीदारी का नतीजा है। आम दिनों के मुकाबले कुछ ही घंटों में ईंधन की खपत चार गुना तक बढ़ गई। लोगों ने अपनी जरूरत से कहीं अधिक पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे पंपों पर उपलब्ध रिजर्व स्टॉक भी तेजी से खत्म हो गया और सप्लाई सिस्टम पर अचानक दबाव बढ़ गया।
जिलाधिकारी और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने देर रात हालात की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि जिले में तेल की कोई कमी नहीं है। डिपो से ईंधन की आपूर्ति लगातार जारी है। सामान्य परिस्थितियों में हर पेट्रोल पंप पर औसतन चार दिनों का स्टॉक सुरक्षित रहता है, लेकिन एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई, जिससे जाम की स्थिति को धीरे-धीरे नियंत्रित किया जा सके। पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए कि वे संयम बनाए रखें और अफवाहों से बचते हुए व्यवस्था को सुचारु बनाए रखें।
प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भ्रामक सूचनाएं फैलाकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरें किस तरह से आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। महज एक अफवाह ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी और प्रशासन को आपात स्थिति जैसी चुनौती का सामना करना पड़ा। फिलहाल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति तेजी से सामान्य की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह तक सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की उपलब्धता पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
