विंध्य कॉरिडोर से निखरा विंध्याचल, चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं का सैलाब- 50 लाख पार का अनुमान

विंध्य कॉरिडोर से निखरा विंध्याचल, चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं का सैलाब- 50 लाख पार का अनुमान

(रणभेरी): चैत्र नवरात्र के अवसर पर इस बार विंध्याचल धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है। नव विकसित विंध्य कॉरिडोर के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अष्टमी की सुबह तक ही 40 लाख से अधिक भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में मत्था टेका, जबकि प्रशासन को उम्मीद है कि नवमी तक यह आंकड़ा 50 लाख के पार पहुंच सकता है।

धार्मिक नगरी विंध्याचल में बीते कुछ वर्षों में हुए विकास कार्यों और सुविधाओं के विस्तार का सीधा असर दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या के रूप में सामने आ रहा है। इस बार का नवरात्र उत्सव भी एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 19 मार्च को लगभग चार लाख श्रद्धालु पहुंचे, जबकि 20 मार्च को यह संख्या दो लाख रही। इसके बाद सप्ताहांत में संख्या में जबरदस्त उछाल आया- शनिवार को करीब सात से आठ लाख और रविवार को आठ से नौ लाख भक्तों ने दर्शन किए। सोमवार को चार लाख, मंगलवार को छह लाख, बुधवार को चार लाख और गुरुवार शाम तक पांच से छह लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

प्रशासन का मानना है कि अभी अष्टमी की रात्रि और नवमी का पूरा दिन शेष है, जिससे कुल संख्या में और तेजी से वृद्धि हो सकती है। इससे पहले महाकुंभ के दौरान लौटते श्रद्धालुओं के कारण 23 दिनों में 74.5 लाख से अधिक लोगों ने यहां दर्शन किए थे।

विंध्य कॉरिडोर से निखरा विंध्याचल, चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं का सैलाब- 50 लाख पार का अनुमान

विंध्य कॉरिडोर बना आकर्षण का केंद्र

करीब 331 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विंध्य कॉरिडोर इस समय प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। भव्य प्रवेश द्वार और जयपुर के गुलाबी पत्थरों से सुसज्जित संरचना श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित कर रही है। कई लोग केवल कॉरिडोर की भव्यता देखने के लिए भी यहां पहुंच रहे हैं।

सुविधाओं में विस्तार से बढ़ा आकर्षण

अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देशन में विंध्याचल क्षेत्र का लगातार विकास किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य जारी है। प्रशासन ने विश्वास जताया है कि भविष्य में भी इसी तरह श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होती रहेगी और विंध्याचल धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

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