वाराणसी (रणभेरी): रसोई गैस को लेकर शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। एलपीजी की बढ़ती निर्भरता और आपूर्ति संबंधी समस्याओं के बीच अब पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। GAIL (India) Limited और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से शहर में घर-घर पीएनजी पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है।
मंडलायुक्त एस राज लिंगम और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की मौजूदगी में आयोजित प्रेस वार्ता में गेल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एच के गर्ग ने बताया कि वर्तमान में शहर के करीब 69 हजार से अधिक रसोई घरों में पीएनजी गैस की आपूर्ति हो रही है, जबकि 1.23 लाख से ज्यादा घरों में इसका इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन और गेल मिलकर प्रतिदिन करीब 130 घरों को एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तित कर रहे हैं। डीएलडब्ल्यू, बीएचयू, सुंदरपुर, चितईपुर, पांडेपुर, शिवपुर और सारनाथ समेत कई क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा पहुंच चुकी है।

नोएडा के बाद दूसरे स्थान पर वाराणसी
एच के गर्ग ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नोएडा के बाद वाराणसी पीएनजी नेटवर्क के मामले में दूसरे स्थान पर है। शहर में लगभग 1442 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएनजी कनेक्शन उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुविधाजनक है, क्योंकि इसमें सिलेंडर बुकिंग या बदलने की झंझट नहीं रहती।

सस्ती और सुविधाजनक गैस
गेल के अनुसार पीएनजी गैस की कीमत लगभग 47 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर तय की गई है, जो एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले सस्ती पड़ती है। कनेक्शन के लिए अलग से कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। पहले बिल में 500 रुपये जोड़े जाएंगे, जबकि मासिक सेवा शुल्क मात्र 1 रुपये होगा। बिल मीटर रीडिंग के आधार पर तैयार किया जाएगा।
कैंप लगाकर दिए जाएंगे कनेक्शन
जिन क्षेत्रों में अभी कार्य जारी है, वहां रोजाना कैंप आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इन कैंपों में पहुंचकर जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं। इसके लिए क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से उपभोक्ता सीधे आवेदन और भुगतान कर सकते हैं। यदि संबंधित क्षेत्र में पाइपलाइन उपलब्ध है तो 24 घंटे के भीतर कनेक्शन चालू करने का दावा किया गया है।
एलपीजी मुक्त क्षेत्रों की तैयारी
मंडलायुक्त एस राज लिंगम ने बताया कि जिन इलाकों में पीएनजी नेटवर्क पूरी तरह तैयार हो जाएगा, उन्हें एलपीजी मुक्त घोषित किया जाएगा। ऐसे क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि शहर के पुराने इलाकों में भी पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में शहर में गैस की कोई कमी नहीं है और सभी आवश्यक स्थानों पर आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मांग के अनुसार शत-प्रतिशत पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए।

कुल मिलाकर, वाराणसी तेजी से आधुनिक और सुरक्षित गैस आपूर्ति प्रणाली की ओर बढ़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती, निर्बाध और सुविधाजनक गैस सेवा मिल सकेगी।
