मैं वाराणसी में ही हूं, हिम्मत है तो गिरफ्तार करो : संजय सिंह

मैं वाराणसी में ही हूं, हिम्मत है तो गिरफ्तार करो : संजय सिंह
  • मणिकर्णिका घाट एफआईआर पर खुली चुनौती, बोले- भागने वालों में नहीं हूं
  • पप्पू यादव की गिरफ्तारी को बताया लोकतंत्र की हत्या, कहा – यह प्रतिशोध की राजनीति है

वाराणसी (रणभेरी): आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को काशी की धरती से प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ खुला ऐलान-ए-जंग कर दिया। मणिकर्णिका घाट प्रकरण में अपने ऊपर दर्ज एफआईआर को लेकर उन्होंने जिस आक्रामक और चुनौतीपूर्ण अंदाज़ में बयान दिया, उसने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। संजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी तरह के दबाव से डरने वाले नहीं हैं और न ही कहीं भागने वाले हैं।

सांसद संजय सिंह ने पुलिस प्रशासन को सीधे ललकारते हुए कहा कि वह इस समय वाराणसी में ही मौजूद हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “पुलिस कमिश्नर को बता दिया जाए कि जिस ‘अपराधी’ को खोजा जा रहा है, वह खुलेआम शहर में घूम रहा है। अगर ज़रा भी साहस है तो गिरफ्तार करके दिखाएं।” अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को उन्होंने राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया।

सांसद संजय सिंह ने कहा कि सत्ताधारी दल जनता की आवाज़ उठाने वालों को डराने और चुप कराने की साजिश कर रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी ऐसे हथकंडों से झुकने वाली नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि जेल जाना पड़े तो भी सच बोलना और अन्याय के खिलाफ खड़ा रहना नहीं छोड़ेंगे। संजय सिंह ने केवल अपने मुद्दे तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि देश में चल रहे राजनीतिक हालात पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। सिंह ने कहा कि वर्षों से जनसेवा में लगे जनप्रतिनिधियों को इस तरह गिरफ्तार करना यह दर्शाता है कि सरकार आलोचना से डरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सत्ता का खुला दुरुपयोग और प्रतिशोध की राजनीति का जीता-जागता उदाहरण है।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी के हालिया बयानों पर भी संजय सिंह ने जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की भाषा और सोच आम जनता के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि “गड्ढे खोदकर उन्हें खुले छोड़ देना और फिर मौतों पर गैर-जिम्मेदार बयान देना भाजपा की जनविरोधी मानसिकता को उजागर करता है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है और जब हादसे होते हैं तो जिम्मेदारी लेने के बजाय बयानबाजी शुरू हो जाती है। संजय सिंह ने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। वाराणसी में संजय सिंह के इन आक्रामक तेवरों से राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। इतना तय है कि काशी से उठा यह सियासी शोर आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति को और तेज़ करने वाला है।

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