नीट की तैयारी कर रहे बिहार के छात्र को घेरकर पीटा, पुलिसिया गश्त पर उठ रहे सवाल, तीन महीने से जारी है उपद्रव
वाराणसी (रणभेरी): शिक्षा की नगरी दुर्गाकुंड में अब पढ़ाई से ज्यादा हॉस्टलों के छात्रों की गुटबाजी और अराजकता चर्चा में है। सीएमओ कार्यालय के समीप जेआरएस कार्यालय के पीछे स्थित पार्क उपद्रवी छात्रों का अड्डा बन गया है। शाम होते ही यहां जुटने वाले छात्रों के बीच आए दिन टकराव की स्थिति बनती है, लेकिन पुलिस की गश्त और कार्रवाई का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। नतीजा, स्थानीय परिवारों का पार्क में टहलना तक मुश्किल हो गया है।

ताजा मामला बिहार निवासी नीट अभ्यर्थी प्रिंस की पिटाई का है। दुर्गाकुंड में रहकर तैयारी कर रहे प्रिंस की तहरीर पर भेलूपुर पुलिस ने रुद्र तिवारी, आर्यन सिंह, शुभराज, प्रियांशु राय समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि 27 अक्टूबर की शाम सीएमओ कार्यालय के पास आरोपियों ने उन्हें घेरकर डंडों से पीटा और मोबाइल तोड़ दिया। छात्र ने बंधक बनाने का भी आरोप लगाया है।

इससे पहले 27 अक्टूबर को ही कैवल्यधाम कॉलोनी स्थित एक हॉस्टल में 20-25 छात्रों ने घुसकर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से तोड़फोड़ की थी। बाइक क्षतिग्रस्त करने के साथ अभिषेक यादव को पीटा गया, जिससे उसकी उंगली फ्रैक्चर हो गई। इस मामले में भी प्राथमिकी दर्ज है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले तीन महीने से पार्क में शाम छह से आठ बजे तक छात्रों का जमावड़ा लगता है। चाय की दुकानों और पार्क के आसपास गुटबाजी चलती है। महिलाओं का कहना है कि अब वहां असुरक्षा का माहौल है। सवाल यह है कि लगातार शिकायतों और मारपीट की घटनाओं के बावजूद पुलिस की नियमित गश्त क्यों नहीं हो रही ? क्या किसी बड़ी वारदात के बाद ही पुलिस की नींद खुलेगी ?
