- सुंदरपुर में सिपाही अमित शुक्ला को मारी थीं गोलियां, ट्रॉमा सेंटर में चल रहा इलाज
- असलहा बरामदगी के दौरान फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
- एक आरोपी बीते रात ही मुठभेड़ में पकड़ा गया था, अब अंजनी झा और राजू तिवारी भी गिरफ्त में
वाराणसी (रणभेरी): सुंदरपुर में एटीएस से प्रशिक्षित सिपाही अमित शुक्ला पर जानलेवा हमला कर फरार हुए दो तस्करों को पुलिस ने शनिवार को मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंजनी झा और राजू तिवारी के रूप में हुई है। दोनों को असलहा बरामदगी के लिए सामनेघाट ले जाया गया था। वहां छिपाए गए हथियार निकालने के दौरान दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी। घायल आरोपियों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी राज विश्वकर्मा को पुलिस शुक्रवार रात ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर चुकी है।
डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि सुंदरपुर स्थित अभिषेक नगर कॉलोनी में सिपाही अमित शुक्ला पर हमले के बाद से ही क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल अंजनी झा और राजू तिवारी शहर से भागने की फिराक में हैं। घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने हमले में शामिल होने की बात स्वीकार की और वारदात में इस्तेमाल असलहों को सामनेघाट के सुनसान इलाके में छिपाने की जानकारी दी।

पुलिस टीम दोनों को लेकर हथियार बरामद कराने पहुंची। आरोपियों ने अचानक छिपाए गए असलहे निकाल लिए और पुलिसकर्मियों पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाश घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने मौके से हथियार कब्जे में ले लिए। मुठभेड़ में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। अस्पताल में दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। सुरक्षा के मद्देनजर ट्रॉमा सेंटर में पुलिस बल तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे सुंदरपुर सब्जी मंडी के पीछे आशुतोष नगर में तस्करों ने सिपाही अमित शुक्ला पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। उन्हें तीन गोलियां लगी थीं। एक गोली हाथ में और दो कमर के ऊपरी हिस्से में लगी थीं।
गंभीर हालत में उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। शुक्रवार रात ऑपरेशन कर पीठ में धंसी गोली निकाल दी गई। फिलहाल वह चिकित्सकों की निगरानी में हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है। प्रयागराज के लूकरगंज निवासी अमित शुक्ला पिछले तीन वर्षों से लंका थाने में तैनात हैं। वह वाराणसी एसओजी में भी काम कर चुके हैं और एटीएस से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। डीसीपी ने बताया कि आरोपियों से बरामद असलहों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे हमले में इनके इस्तेमाल की पुष्टि हो सके। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने के साथ उनके मददगारों की भी तलाश कर रही है।
