वाराणसी (रणभेरी): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में समाजवादी छात्रसंघ से जुड़े विद्यार्थियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की। इस दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी और धक्कामुक्की होने का आरोप भी लगाया गया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया स्पष्ट और जवाबदेह होनी चाहिए। चुनाव आयोग को यह बताना चाहिए कि सूची से हटाए गए नाम फर्जी मतदाताओं के थे या उनमें वास्तविक मतदाता भी शामिल थे। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल हैं, जिनका संतोषजनक जवाब मिलना जरूरी है। हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा के बीच कथित मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई।

पोस्टर लेकर लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। छात्रों के हाथों में ‘जेनजी अगेन’ के पोस्टर भी दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने राजनीतिक नारों के जरिए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।

छात्रों का कहना था कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से हटता है, तो उसकी शिकायत के निवारण की व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया सार्वजनिक और पारदर्शी बनाने की मांग की।
उत्तर प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव कराने पर जोर
विद्यार्थियों ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि छात्रसंघ विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और लोकतांत्रिक तरीके से प्रतिनिधि चुनने का अवसर देता है।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने वाला मंच कमजोर पड़ा है। उन्होंने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से इस दिशा में कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपकर रखीं मांगें
छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की जांच, मतदाता सूची में पारदर्शिता और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग रखी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराने के साथ लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा पर भी जोर दिया। ज्ञापन में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इन विषयों पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।

सुरक्षाकर्मियों पर धक्कामुक्की का आरोप
छात्रों के अनुसार, जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में काशी विद्यापीठ परिसर में भी धरना आयोजित किया गया था। प्रदर्शन को देखते हुए परिसर में आरआरएफ के जवान तैनात किए गए थे।
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ जवानों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका और इस दौरान धक्कामुक्की हुई। छात्रों ने कुछ जवानों की वर्दी पर नेमप्लेट नहीं होने का दावा भी किया। इस संबंध में पुलिस या सुरक्षाबलों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है।
