(रणभेरी): समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता उस समय हंगामे में बदल गई, जब बैठने की जगह को लेकर पार्टी नेताओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला कहासुनी से हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ मारपीट और थप्पड़ मारे जाने की बात सामने आई है।
घटना गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हुई। समाजवादी पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर मीडिया से बातचीत की जा रही थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम की ओर से आयोजित की गई थी।
बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद
कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश प्रेस क्लब पहुंचे और काजल निषाद के पास बैठने की कोशिश की। बताया गया कि वहां पर्याप्त जगह नहीं थी। इसी बात को लेकर उनकी पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से बातचीत हुई।
बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और हाथापाई की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि इसी दौरान नगीना साहनी के साथ मारपीट की गई और उन्हें थप्पड़ भी मारा गया। घटना के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल हुआ।
वरिष्ठ नेताओं ने संभाली स्थिति
अचानक हुए विवाद से प्रेस क्लब में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की। विवाद के कारण प्रेस वार्ता को भी बीच में रोकना पड़ा।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें प्रेस क्लब के भीतर हुए विवाद के दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जिलाध्यक्ष ने बताया निंदनीय
घटना के बाद सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने पूरे मामले को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी जाएगी और अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। उनका कहना था कि पार्टी के कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष सबीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, अवधेश यादव, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, काजल निषाद, संजय पहलवान, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. मोहसिन, जय प्रकाश यादव और रणजीत पासवान समेत कई नेता एवं पदाधिकारी मौजूद थे।
मौके पर पहुंची पुलिस
विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को शांत कराया गया।
प्रेस वार्ता का मुख्य मुद्दा ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान था, लेकिन नेताओं के बीच हुए विवाद के कारण कार्यक्रम का पूरा माहौल बदल गया और चर्चा का केंद्र प्रेस क्लब में हुई मारपीट बन गई।
