(रणभेरी): जापान के नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का चंदौली पुलिस ने खुलासा किया है। स्वाट, सर्विलांस, साइबर सेल और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पीडीडीयू नगर के कैलाशपुरी स्थित एक इमारत में संचालित कथित फर्जी साइबर कॉल सेंटर पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का संचालक समेत तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, कैलाशपुरी की एक इमारत की तीसरी मंजिल पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद टीम ने छापा मारा। वहां कई कंप्यूटरों के जरिए विदेशों में लाइव कॉल की जा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और आरोपियों से पूछताछ के बाद जापानी नागरिकों को निशाना बनाए जाने का खुलासा हुआ।
रिमोट एक्सेस के बहाने बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य जापानी नागरिकों से तकनीकी सहायता कर्मचारी बनकर संपर्क करते थे। कंप्यूटर में आई तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर उन्हें रिमोट एक्सेस देने के लिए तैयार किया जाता था। इसके बाद बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी।
पुलिस का कहना है कि गिरोह में शामिल कुछ आरोपी जापानी भाषा का ज्ञान रखते थे। विदेशों में संपर्क के लिए इंटरनेट आधारित कॉलिंग का इस्तेमाल किया जाता था।
चीन के खातों से जुड़ा लेनदेन, हवाला की भी जांच
जांच में ठगी की रकम के चीन स्थित खातों तक पहुंचने और बाद में हवाला के माध्यम से भारत आने की आशंका सामने आई है। पुलिस इस वित्तीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है। एक आरोपी के दो बैंक खातों में मौजूद करीब नौ लाख रुपये पुलिस ने फ्रीज करा दिए हैं।
इसके अलावा आरोपियों की संपत्तियों और दूसरे बैंक खातों में जमा रकम की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच के बाद गिरोह के नेटवर्क और ठगी की कुल रकम के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।
कॉल सेंटर से बड़ी संख्या में उपकरण बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 19 मॉनिटर, 20 सीपीयू, 19 की-बोर्ड, 18 माउस, 18 हेडफोन, तीन लैपटॉप और छह मोबाइल फोन बरामद किए। इसके साथ ही चार राउटर व अन्य नेटवर्किंग उपकरण तथा पांच कथित कूटरचित आधार कार्ड भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद आधार कार्ड वाराणसी के पते पर तैयार किए गए थे। इन दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
मुख्य संचालक की तलाश जारी
एडिशनल एसपी विक्रम दहिया ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई से कुछ समय पहले ही गिरोह का मुख्य संचालक मौके से निकल गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
मुगलसराय थाने में मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच से गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्क, संभावित पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम से संबंधित अहम जानकारी मिल सकती है।
