(रणभेरी): जौनपुर में यूनियन बैंक के मैनेजर ने गुरुवार देर रात चलती कार में तमंचे से खुद को गोली मारकर जान दे दी। गोली दिल के पास लगी और पीठ को चीरते हुए कार की सीट में जा धंसी। गोली लगने के बाद कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने कार का शीशा तोड़कर मैनेजर को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना बक्शा थाना क्षेत्र में जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर प्रभु ढाबा के पास की है। मृतक की पहचान 40 वर्षीय दुर्गेश श्रीवास्तव के रूप में हुई है। वह मूलरूप से लखनऊ के गुडंबा के रहने वाले थे और जौनपुर शहर के वन विहार इलाके में पत्नी रचना के साथ रहते थे। उनकी तैनाती सुजानगंज थाना क्षेत्र की सराय पड़री शाखा में बैंक मैनेजर के पद पर थी।
कार में मिला सुसाइड नोट, लिखा- तंग आ चुका हूं
पुलिस को कार की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला। इसमें दुर्गेश ने लिखा कि वह जिंदगी से तंग आ चुके हैं, इसलिए अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं। उन्होंने खुदकुशी के लिए परिवार को जिम्मेदार नहीं ठहराया। पत्नी के लिए लिखा- “तुम अपना ख्याल रखना।”

पत्नी से फोन पर कहा- मैं डिप्रेशन में हूं
पत्नी रचना ने बताया कि दुर्गेश काफी समय से डिप्रेशन में थे। उन्हें शुगर और लिवर सिरोसिस की बीमारी भी थी। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे वह रोज की तरह कार से बैंक के लिए निकले थे। लंच के समय फोन पर बातचीत हुई तो सब कुछ सामान्य था।
पत्नी रचना के मुताबिक, दुर्गेश रोज शाम करीब 6:30 बजे तक घर लौट आते थे। देर होने पर फोन कर देते थे। गुरुवार शाम फोन नहीं आया तो उन्होंने पति को कॉल किया। बातचीत में दुर्गेश ने कहा- “मैं डिप्रेशन में हूं। अगर तुम्हें बताऊंगा तो तुम भी परेशान हो जाओगी।”
पत्नी ने उन्हें जल्द घर आने और परेशान न होने की बात कही। इस पर दुर्गेश ने धीमी आवाज में कहा- “ठीक है” और फोन काट दिया। इसके बाद रचना रात करीब 11 बजे तक उनके दोस्तों को फोन करती रहीं। किसी को भी दुर्गेश के बारे में जानकारी नहीं थी। देर रात पुलिस ने फोन कर उनकी मौत की सूचना दी।

लोगों को पहले लगा हादसा हुआ है
प्रभु ढाबे पर काम करने वाले लोगों ने बताया कि वे रात में काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज आवाज के साथ एक कार हाईवे के डिवाइडर से टकरा गई। लोगों को लगा कि सड़क हादसा हुआ है। वे दौड़कर कार के पास पहुंचे और शीशा तोड़कर अंदर देखा तो चालक खून से लथपथ था। उसके पास तमंचा पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
एएसपी आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बैंक मैनेजर को जिला अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। फॉरेंसिक टीम ने कार की जांच कर साक्ष्य जुटाए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
