(रणभेरी): बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां और बंगाली सिनेमा की जानी-मानी प्लेबैक सिंगर कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार दोपहर 75 साल की उम्र में निधन हो गया। यशराज फिल्म्स (YRF) ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की जानकारी दी। परिवार ने इस मुश्किल घड़ी में प्रशंसकों और मीडिया से प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की है।
YRF ने जारी किया बयान
यशराज फिल्म्स ने अपने बयान में कहा कि भारी मन से कृष्णा मुखर्जी के निधन की जानकारी दी जा रही है। परिवार ने उनके प्रति लोगों के प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए आभार जताया और इस कठिन समय में निजता का सम्मान करने की अपील की।
बेटी रानी के बेहद करीब थीं कृष्णा
कृष्णा मुखर्जी अपनी बेटी रानी मुखर्जी के बेहद करीब थीं। रानी के करियर के शुरुआती दौर से लेकर उनकी सफलता तक कृष्णा ने उनका साथ दिया। वह अक्सर रानी के साथ अवॉर्ड समारोह, फिल्म स्क्रीनिंग और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती थीं।रानी कई मौकों पर अपनी सफलता में मां के योगदान का जिक्र कर चुकी हैं। पति राम मुखर्जी के निधन के बाद भी कृष्णा परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहीं।
बंगाली सिनेमा में बनाई पहचान
कृष्णा मुखर्जी का बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से गहरा जुड़ाव रहा। वह पेशेवर प्लेबैक सिंगर थीं और उन्होंने कई बंगाली फिल्मों के लिए अपनी आवाज दी। 1982 में आई फिल्म ‘तीसरी आंख’ के गाने ‘ईद के दिन गले मिल ले राजा’ को उनके चर्चित गीतों में गिना जाता है। संगीत के साथ उनका जुड़ाव लंबे समय तक रहा। वह बंगाली एल्बम और स्टेज शो के जरिए भी संगीत से जुड़ी रहीं।
रानी को फिल्मों में आने की दी थी सलाह
कृष्णा मुखर्जी ने रानी को फिल्मों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया था। हालांकि, वह बेटी के काम को लेकर काफी सख्त थीं। रानी के शुरुआती स्क्रीन टेस्ट के दौरान अभिनय पसंद नहीं आने पर उन्होंने निर्माता सलीम से साफ कहा था कि रानी को फिल्म में लेने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। मां के निधन की खबर से मुखर्जी परिवार में शोक का माहौल है।
