वाराणसी (रणभेरी): कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में बुधवार को उस समय हंगामा हो गया, जब पिशाचमोचन कुंड में डूबने से हुई युवक की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम का विरोध शुरू कर दिया। पुलिस शव को मोर्चरी में रखवाने की तैयारी कर रही थी, तभी परिजन पुलिसकर्मियों से उलझ गए और शव को ई-रिक्शा पर लादकर अस्पताल से निकल गए। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली और सिगरा पुलिस ने घेराबंदी कर ई-रिक्शा को रोक लिया और शव को दोबारा कब्जे में लेकर कबीरचौरा अस्पताल पहुंचाया।

मलदहिया मलिन बस्ती निवासी राजू कुमार (35) बुधवार सुबह पिशाचमोचन कुंड में नहाने के दौरान गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह डूब गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एनडीआरएफ की टीम की मदद से काफी प्रयास के बाद राजू को कुंड से बाहर निकाला। इसके बाद सिगरा पुलिस उसे लेकर कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम के विरोध में परिजनों ने किया हंगामा
राजू की मौत की जानकारी मिलते ही उसके परिजन अस्पताल पहुंच गए। पुलिस शव को मर्चरी में रखवाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच शव को लेकर खींचतान की स्थिति बन गई।
इसी दौरान परिजनों ने शव को ई-रिक्शा पर रख लिया और अस्पताल से निकल गए। अचानक हुई इस घटना से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों को सूचना देने के बाद कोतवाली और सिगरा पुलिस ने ई-रिक्शा की तलाश शुरू की और घेराबंदी कर उसे रोक लिया।
कड़ी सुरक्षा के बीच शव मोर्चरी में रखा
पुलिस ने शव को दोबारा अपने कब्जे में लेकर कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस के अनुसार अग्रिम कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शिवपुर भेजा जाएगा।
