जमकर हुई खरीदारी, हल्के गहनों और चांदी के बर्तनों की रही मांग
मिट्टी व डिजाइनर दीयों ने खींचा ध्यान, कोलकाता की गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां बनीं पहली पसंद, काजू कतली और बूंदी के लड्डू की खूब हुई बिक्री
वाराणसी (रणभेरी)। धनतेरस पर काशी के बाजारों में खूब रौनक रही। सुबह से देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला चलता रहा। फूल मंडियों से लेकर बर्तन, ज्वेलरी, सजावटी सामान और मिठाई की दुकानों तक ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने परंपरा के अनुसार घरों और दुकानों को सजाने के लिए फूलों की मालाएं, कमल के फूल, मिट्टी के दीये और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदीं। इस बार बाजार में खरीदारी का अंदाज भी बदला नजर आया। भारी गहनों की जगह हल्की ज्वेलरी और चांदी के हल्के बर्तनों को प्राथमिकता मिली। वहीं, कैंडल के मुकाबले मिट्टी और डिजाइनर दीयों की मांग अधिक रही।
धनतेरस पर फूल मंडियों में सुबह से ही खरीदारों की भीड़ जुटने लगी थी। घरों के दरवाजे, मंदिर और दुकानों को सजाने के लिए गेंदे की मालाएं खूब बिकीं। पूजा के लिए कमल के फूलों की भी अच्छी मांग रही। मंडियों में कोलकाता और बिहार के सासाराम समेत विभिन्न स्थानों से व्यापारी कमल के फूल लेकर पहुंचे थे। फूल विक्रेताओं के मुताबिक, बारिश के कारण खेतों में फूल खराब होने से आवक प्रभावित हुई। इसका असर कीमतों पर भी पड़ा, लेकिन महंगाई के बावजूद लोगों ने जमकर खरीदारी की।
मिट्टी के दीयों के साथ कोलकाता की मूर्तियों की धूम
फूलों की खरीदारी के बाद लोगों ने दीयों और सजावटी सामान की दुकानों का रुख किया। बाजार में पारंपरिक मिट्टी के दीयों के साथ रंगीन और डिजाइनर दीयों की भी खूब बिक्री हुई। दुकानदारों के अनुसार, इस बार कैंडल की तुलना में दीयों को अधिक पसंद किया गया। वहीं, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों में कोलकाता और चुनार की बनी प्रतिमाएं उपलब्ध रहीं, लेकिन कोलकाता की मूर्तियों की मांग अधिक रही। रंगों और बारीक कलाकारी से सजी प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
आठ से दस हजार रुपये की हल्की ज्वेलरी की मांग
सोने-चांदी के शोरूम में भी ग्राहकों की भीड़ रही। कारोबारियों के मुताबिक, भारी गहनों के बजाय कम वजन वाली आकर्षक ज्वेलरी की मांग रही। आठ से दस हजार रुपये से शुरू होने वाली हल्की सोने की ज्वेलरी लोगों को पसंद आई। चांदी के गहनों में चेन और मीनाकारी वाले डिजाइन की मांग रही। चांदी के बर्तनों में भी हल्के वजन वाले आकर्षक डिजाइन खरीदारों की पसंद बने। मिठाई की दुकानों पर काजू कतली और बूंदी के लड्डू की खूब बिक्री हुई। लोगों ने परिवार और रिश्तेदारों के लिए मिठाइयों के डिब्बे खरीदे तो भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के भोग के लिए बूंदी के लड्डू भी लिए। फूलों की खुशबू, दीयों की रोशनी, गहनों की चमक और मिठाइयों की मिठास के बीच पूरी काशी धनतेरस के उल्लास में सराबोर नजर आई।
