वाराणसी (रणभेरी): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के भैरवनाथ कैंपस में मंगलवार को छात्रों ने शैक्षणिक व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पिछले सेमेस्टर का रिजल्ट जल्द जारी करने और थ्योरी व प्रैक्टिकल कक्षाएं नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार कैंपस में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन नहीं हो रहा है। पिछले सेमेस्टर का परिणाम अब तक जारी नहीं होने से छात्रों को अगले सेमेस्टर की पढ़ाई और परीक्षा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने मांग की कि अगले सेमेस्टर की परीक्षा से पहले पिछले सेमेस्टर का परिणाम जारी किया जाए।
नियमित क्लास और प्रैक्टिकल की मांग
छात्रों ने सभी विषयों की थ्योरी और प्रैक्टिकल कक्षाएं नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की। उनका कहना है कि लैब में प्रैक्टिकल के लिए प्रशिक्षित और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि छात्रों को पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान मिल सके।
छात्रों ने प्रथम से आठवें सेमेस्टर तक का एकेडमिक शेड्यूल पहले से जारी करने की भी मांग की। इसमें थ्योरी, प्रैक्टिकल और सेमेस्टर परीक्षाओं की तारीखें स्पष्ट करने की बात कही गई है।
लाइब्रेरी में नई किताबें उपलब्ध कराने की मांग
छात्रों ने कैंपस की लाइब्रेरी में कृषि और संबंधित विषयों की हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की पर्याप्त संख्या में नई किताबें उपलब्ध कराने की मांग रखी। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई के लिए दोनों भाषाओं में पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए।
इसके साथ ही छात्रों ने कैंपस की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए कृषि विभाग से एक प्रभारी अधिकारी या शिक्षक नियुक्त करने की मांग की। छात्रों के मुताबिक प्रभारी की नियमित मौजूदगी से कैंपस में छात्रों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो सकेगा।
मिड-टर्म में एक दिन में दो पेपर कराने की मांग
छात्रों ने मिड-टर्म परीक्षाओं को निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए एक दिन में दो प्रश्नपत्र कराने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि समय की कमी को देखते हुए परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया जाए, ताकि सभी परीक्षाएं समय से पूरी हो सकें।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि नियमित कक्षाएं, समय पर रिजल्ट और स्पष्ट एकेडमिक कैलेंडर होने से पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।
