दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं के बीच बैठकर की गंगा आरती में सहभागिता
वाराणसी (रणभेरी): भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज Ishant Sharma आईपीएल सीजन समाप्त होने के बाद धार्मिक नगरी Varanasi पहुंचे। काशी आगमन के दौरान उन्होंने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गंगा घाटों का भ्रमण किया, मंदिरों में पूजा-अर्चना की और सायंकालीन गंगा आरती में भी भाग लिया।
सूत्रों के अनुसार, वाराणसी पहुंचने के बाद ईशांत शर्मा सबसे पहले बाबा Kashi Vishwanath Temple के दरबार में पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में कुछ समय बिताने के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की और काशी की आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इसके बाद क्रिकेटर ने Kal Bhairav Temple में दर्शन किए। मंदिर में विशेष पूजा के दौरान उन्होंने भगवान शिव के मंत्रों का जाप किया और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी उन्हें देखा और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने की इच्छा जताई। पूजा के बाद ईशांत ने कहा कि काशी का धार्मिक माहौल और यहां की सकारात्मक ऊर्जा मन को शांति प्रदान करती है तथा यहां आने पर उन्हें एक अलग तरह का सुकून महसूस होता है।
दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आराधना
धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद ईशांत शर्मा प्रसिद्ध Dashashwamedh Ghat पहुंचे। यहां उन्होंने मां गंगा की विधिवत पूजा की और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आस्था के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। घाट पर मौजूद लोगों ने उन्हें सामान्य श्रद्धालुओं की तरह पूजा-अर्चना करते देखा।

सायंकाल आयोजित होने वाली विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती में भी ईशांत शामिल हुए। आरती के दौरान वह श्रद्धालुओं के बीच बैठे रहे और पूरे कार्यक्रम को श्रद्धा के साथ देखा। घाट पर उनकी उपस्थिति की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके पास पहुंचे और उनसे मुलाकात की। कई प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
इस अवसर पर ईशांत शर्मा ने बताया कि जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वह वाराणसी आने का प्रयास करते हैं। उनका कहना था कि गंगा आरती का अनुभव हर बार नया और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाला होता है। उन्होंने कहा कि काशी में बिताया गया समय मानसिक शांति और आत्मिक संतोष प्रदान करता है।
वाराणसी से है पारिवारिक जुड़ाव
ईशांत शर्मा का वाराणसी से विशेष पारिवारिक संबंध भी है। उनकी पत्नी Pratima Singh वाराणसी की रहने वाली हैं और भारतीय महिला बास्केटबॉल जगत का जाना-पहचाना नाम रही हैं। वह चर्चित “सिंह सिस्टर्स” परिवार से संबंध रखती हैं, जिसकी कई सदस्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसी वजह से ईशांत शर्मा का वाराणसी आना-जाना अक्सर होता रहता है और वह समय-समय पर यहां धार्मिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं।
आईपीएल सीजन में सीमित रही भूमिका
क्रिकेट की बात करें तो हाल ही में समाप्त हुए आईपीएल सीजन में ईशांत शर्मा को अपेक्षित अवसर नहीं मिल सके। टीम संयोजन और युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिलने के कारण वह अधिकांश समय टीम के साथ रहे, लेकिन मैदान पर ज्यादा नजर नहीं आए। हालांकि अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता के कारण वह टीम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण सदस्य बने रहे।
पिछले सीजन में उन्होंने सीमित मुकाबलों में भाग लेते हुए टीम के लिए योगदान दिया था। भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालने वाले ईशांत आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा माने जाते हैं।

भारतीय क्रिकेट का अनुभवी चेहरा
2 सितंबर 1988 को जन्मे ईशांत शर्मा भारतीय क्रिकेट के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया है। अपनी लंबी कद-काठी, उछालभरी गेंदबाजी और तेज रफ्तार के लिए प्रसिद्ध ईशांत ने अपने करियर में कई यादगार उपलब्धियां हासिल की हैं।
भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की नई पहचान बनाने वाले खिलाड़ियों में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है। लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान उन्होंने दुनिया के कई शीर्ष बल्लेबाजों को अपनी गेंदबाजी से परेशान किया और टीम इंडिया की कई ऐतिहासिक जीतों में अहम भूमिका निभाई।
काशी की आध्यात्मिक धरती पर ईशांत शर्मा की यह यात्रा क्रिकेट से इतर उनके धार्मिक और सांस्कृतिक पक्ष को भी सामने लाती है। श्रद्धा, आस्था और पारिवारिक जुड़ाव से भरपूर यह दौरा उनके लिए यादगार अनुभव साबित हुआ।
