चार साल के इंतजार के बाद शुरू हुई यूपी PGT भर्ती परीक्षा, वाराणसी में 52 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल

चार साल के इंतजार के बाद शुरू हुई यूपी PGT भर्ती परीक्षा, वाराणसी में 52 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल

वाराणसी (रणभेरी): उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की बहुप्रतीक्षित PGT (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) भर्ती परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई। करीब चार वर्षों से लंबित इस भर्ती प्रक्रिया के तहत वाराणसी जिले में बनाए गए 35 परीक्षा केंद्रों पर कुल 52,052 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा दो दिनों तक प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक संचालित होगी।

परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों के कमरों और प्रमुख स्थानों पर एआई तकनीक से लैस CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों को जिला स्तरीय कंट्रोल रूम और आयोग के इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया है, जहां से लगातार निगरानी की जा रही है।

चार साल के इंतजार के बाद शुरू हुई यूपी PGT भर्ती परीक्षा, वाराणसी में 52 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल

कई बार बदली गई परीक्षा तिथियां

PGT भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जुलाई 2022 में पूरी हो चुकी थी, लेकिन परीक्षा लगातार टलती रही। पहले यह परीक्षा अप्रैल 2025 में प्रस्तावित थी, फिर जून और उसके बाद अक्टूबर तक नई-नई तिथियां घोषित की गईं, लेकिन किसी कारणवश परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी। बाद में आयोग के नए अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार के पदभार ग्रहण करने के बाद 9 और 10 मई की अंतिम तिथियां तय की गईं, जिन पर अब परीक्षा आयोजित हो रही है।

अलग-अलग पालियों में विभिन्न विषयों की परीक्षा

9 मई की पहली पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षाशास्त्र समेत छह विषयों की परीक्षा कराई जा रही है। दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र के अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं 10 मई की पहली पाली में गणित, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान जैसे विषयों की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी और कला विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

संदिग्ध अभ्यर्थियों पर विशेष निगरानी

आयोग ने परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह रोक लगाई है। साथ ही एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध आवेदनों की पहचान की गई है, जिनमें अलग-अलग फोटो या अलग-अलग नामों से आवेदन किए गए हैं। ऐसे अभ्यर्थियों पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे।

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