बाजारों में मिलावटी मसालों की धड़ल्ले से हो रही है खूब बिक्री
दालचीनी, कालीमिर्च , जीरा, धनिया, हल्दी पाउडर में हो रही सबसे ज्यादा मिलावट
थोड़े से मुनाफे के चक्कर में दुकानदार लोगों को बीमारियां परोस रहे
मिलावटी मसालों के उपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ रहा दुष्प्रभाव
राधेश्याम कमल
वाराणसी (रणभेरी): सावधान…कहीं आप मिलावटी मसाला तो नहीं खा रहे हैं ! अगर मिलावटी मसाला खा रहे हैं तो रुकिये नहीं तो आपके स्वस्थ्य शरीर पर इसका दुष्प्रभाव भी पड़ सकता है। इन दिनों दालचीनी, काली मिर्च, जीरा, मंगरइला, आदि खूब मिलावटी आ रहे हैं। मिलावटी मसालों क बाजारों में धड़ल्ले से बिक्री चल रही है। अनजाने में लोग इन मिलावटी मसालों का सेवन भी कर रहे हैं। खाने-पीने की चीजों में हो रही मिलावट से मसाले भी अछूते नहीं हैं। सब्जियों को स्वादिष्ट बनाने के लिए ब्राण्डेड से लेकर खुदरा बिकने वाले मसालों में धड़ल्ले से मिलावट का खेल चल रहा है। थोड़े से मुनाफे के चक्कर में दुकानदार लोगों को बीमारियां परोस रहे। शहर की थोक एवं खुदरा मसाला मंडियों में हल्दी, धनिया, जीरा से लेकर काली मिर्च तक घालमेल किया जा रहा है। लेकिन मिलावटखोरों के खिलाफ कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मसाले खाने के साथ ही स्वाद को बढ़ा देते हैं। लेकिन इस स्वाद में लकड़ी से लेकर ईंट का बुरादा मिलाया जा रहा है। जो भोजन के स्वाद को फीका कर दे रहा है। साथ ही सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। मिलावटखोर इतनी सफाई से मिलावट करते है कि उसे आसानी से लोग नहीं जान पाते हैं। मसालों में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली हल्दी, मिर्च, धनिया, काली मिर्च, जीरा आदि है। इन मसालों में बड़ी आसानी से मिलावट की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक दालचीनी में अमरुद की छाल की मिलावट हो रही है। जबकि काली मिर्च में पपीते के बीजों की मिलावट की जा रही है। दरअसल मसालों के बारे में सबको ज्यादा ज्ञान नहीं होता है। इसीलिए मिलावटखोर बड़े आराम से मसालों में मिलावट कर लेते हैं। लाल मिर्च में रंग वाला पाउडर और ईंट पीस कर मिला दिया जाता है। धनिया पाउडर में तरह-तरह की मिलावट की जा रही है। जीरा में झाडू वाला जीरा मिलाया जा रहा है।
हल्दी को ज्यादा चमकीला बनाने के लिए लेड क्रोमोड की मिलावट की जा रही है। इसमें पाउडर में पीला रंग एवं चाक पाउडर मिलाया जाता है। मिर्च की पाउडर में भी हानिकारक रंग की मिलावट होती है। धनिया व जीरा पाउडर में धान की भूसी और लकड़ी के कुन्नी का प्रयोग किया जा रहा है। मसालों में अरवा चावल की खुद्दी, चना का छिलका, पत्तियों के डंठल आदि का प्रयोग किया जा रहा है। आम लोगों के लिए इसे पकड़ना मुश्किल है। इस मिलावट के कारण लोग पेट सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। वहीं हींग में भी अखरोट मिला कर मिलावट की जा रही है। अखरोट में महक नहीं होती है। लिहाजा उसमें हींग की खुशबू वाला रसायन मिला दिया जाता है। इस मिलावट में हींग बहुत उम्दा किस्म की मालूम पड़ती है। लेकिन कुछ समय बाद रसायन की महक उड़ कर खत्म हो जाती है लेकिन उसका नुकसान बरकरार रहता है।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा
महज कुछ रुपये के फायदे के लिए की गई मिलावट हमारी जिंदगी के लिए घातक बन सकती है। चिकित्सकों की मानें तो मिलावटी मसाले के सेवन से कैंसर, दिमागी बुखार, नपुंसकता, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, त्वचा रोग, एलर्जी के साथ-साथ नवजात शिशुओं के लिए यह जानलेवा हो सकता है।
मिलावट की कैसे करें पहचान
लाल मिर्च में मिलावट की पहचान करना है तो मिर्च पाउडर को पानी में डालकर देखना होगा। अगर लाल मिर्च पाउडर पानी में तैरता रहे तो असली है और यह डूब जाय तो समझिये इसमें मिलावट की गई है। हल्दी पाउडर में मिलावट की जांच करने के लिए इसमें कुछ बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड व कुछ बूंदे पानी की डाल कर चेक करने पर अगर हल्दी का कलर गुलाबी या बैगनी हो जाय तो इसका मतलब है कि इसमें मिलावट की गई है।
धनिया पाउडर में मिलावट का पता उसकी खुशबू से लगा सकते हैं। वही दालचीनी में मिलावट को परखने के लिए इसे हाथ पर रगड़ कर देखें। अगर कुछ कलर नजर आये तो यह असली है नहीं तो समझ लीजिये नकली है। काली मिर्च में मिलावट की जांच के लिए इसे पानी में डालिये अगर काली मिर्च पानी में तैरती है तो समझ लीजिये नकली है। अगर डूब जाये तो असली है।
