वाराणसी (रणभेरी): पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में इन्फ्लुएंजा-एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। वाराणसी स्थित बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में इस समय स्वाइन फ्लू से संक्रमित 10 मरीजों का उपचार चल रहा है। आरटीपीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति स्थिर बनी हुई है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों में बड़ी संख्या आसपास के जिलों से आने वालों की है। इनमें आजमगढ़ के तीन मरीज भी शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण प्रमुख रूप से पाए गए। कुछ मरीजों में कई दिनों तक लगातार तेज बुखार बना रहा, जबकि बदन दर्द की शिकायत भी कम नहीं हुई। इन लक्षणों के बाद मरीजों ने बीएचयू अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लिया। जांच के दौरान आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उन्हें उपचार के लिए भर्ती किया गया।
संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की भी जांच
स्वास्थ्य विभाग अब केवल संक्रमित मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी कर रहा है। मरीजों के संपर्क में रहने वाले परिजनों और अन्य करीबी लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं। इन सैंपलों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने के बाद अन्य लोग भी वायरस की चपेट में तो नहीं आए हैं।
अधिकारियों का फोकस संक्रमण की संभावित चेन को शुरुआती स्तर पर ही रोकने पर है। इसके लिए मरीजों की यात्रा, उनके संपर्क में आए लोगों और लक्षण वाले व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम कर रही निगरानी
बीएचयू अस्पताल में भर्ती मरीजों की नियमित निगरानी के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात की गई है। चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में मेडिसिन, चेस्ट और कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सक मरीजों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। डॉक्टरों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ भी लगातार मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रहा है।
चिकित्सकों के मुताबिक मरीजों में किसी तरह की गंभीर स्थिति सामने आने पर तत्काल आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल भर्ती सभी मरीजों की हालत नियंत्रण में है।
बीएचयू में उपलब्ध है आरटीपीसीआर जांच की सुविधा
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लगातार तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लें। ऐसे मरीजों की जरूरत के अनुसार स्वाइन फ्लू की जांच कराई जा सकती है। बीएचयू अस्पताल में एच1एन1 की पहचान के लिए आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है।
जांच में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मरीज की स्थिति के आधार पर उपचार और निगरानी की व्यवस्था की जाती है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि समय रहते पहचान होने से मरीज को उचित उपचार देने और संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है।
निजी पैथोलॉजी केंद्रों पर भी नजर
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निजी पैथोलॉजी केंद्रों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एच1एन1 जांच के नाम पर मरीजों से निर्धारित शुल्क से अधिक रकम नहीं ली जानी चाहिए। मनमाना शुल्क वसूले जाने की शिकायत सामने आने पर संबंधित जांच केंद्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही अस्पतालों और चिकित्सकों को स्वाइन फ्लू से जुड़े मरीजों की आवश्यक जानकारी स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित पोर्टल पर समय से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे जिले और मंडल स्तर पर बीमारी की स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी और संक्रमित मरीजों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
बिहार से भी पहुंच रहे मरीज
बीएचयू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत कुमार के अनुसार, सर सुंदरलाल अस्पताल में पूर्वांचल के कई जिलों के अलावा बिहार से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संक्रमित 10 मरीज उपचाराधीन हैं और सभी की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीजों की जांच, उपचार और निगरानी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जाएगा।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की टीम संक्रमित मरीजों की लगातार निगरानी कर रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संपर्क में आए लोगों की जांच और संक्रमित मामलों की रिपोर्टिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी है। लगातार तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य संबंधित लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श करने और आवश्यकता पड़ने पर जांच कराने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार के साथ संक्रमण को नियंत्रित करने में काफी मदद मिल सकती है।
