वाराणसी (रणभेरी): समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष दिलीप डे ने गुरुवार को पराड़कर भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण व्यवस्था के मूल उद्देश्य की अनदेखी कर रही है और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को कमजोर किया जा रहा है।
दिलीप डे ने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार बढ़ती बेरोजगारी के बीच सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती, लेखपाल चयन, पुलिस भर्ती सहित लगभग दो दर्जन विभागों की नियुक्तियों में ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के लिए निर्धारित सीटों में कथित तौर पर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं ने युवाओं के भविष्य पर गंभीर असर डाला है। उनके अनुसार, इससे अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ रही है और कई युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
महानगर अध्यक्ष ने महंगाई को भी बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आपराधिक घटनाओं जैसे हत्या, लूट और महिलाओं के खिलाफ अपराध में बढ़ोतरी हुई है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूची में कथित त्रुटियों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि विशेष संशोधन प्रक्रिया के बाद जारी वोटर लिस्ट में कई प्रकार की गलतियां पाई गई हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी को साक्ष्यों सहित ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
दिलीप डे ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का सही उपयोग करने के बजाय उनका दुरुपयोग कर रही है और विभिन्न मोर्चों पर विफल साबित हो रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें योगेंद्र यादव, सैयद नईम, रामजी यादव, अनिल साहू, अजहर अली सिद्दीकी, आरती यादव, नासिर जमाल, अखिलेश गुप्ता और जुनैद सहित अन्य नेता शामिल थे।
