- रविवार को हथौड़े लेकर पहुंचे लोग, दुकानदारों के विरोध के बाद लौटे;
- सोमवार को मौके पर पहुंचे सहायक नगर आयुक्त, बोले- तोड़फोड़ करने वाले नगर निगम के नहीं थे
वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के दशाश्वमेध जोन के बेनियाबाग तिराहे के पास नगर निगम के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में रविवार को हुई कथित तोड़फोड़ को लेकर स्थानीय दुकानदारों में नाराजगी है। दुकानदारों का आरोप है कि कुछ लोग खुद को नगर निगम से जुड़ा बताकर अचानक कॉम्प्लेक्स पहुंचे और हथौड़ों से निर्माण को नुकसान पहुंचाने लगे। विरोध किए जाने के बाद वे वहां से चले गए।
दुकानदारों के मुताबिक, इस कॉम्प्लेक्स को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश हैं कि दुकानदारों को दूसरी जगह स्थानांतरित किए बिना परिसर को ध्वस्त नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि अभी तक सभी दुकानदारों की शिफ्टिंग नहीं हुई है, इसके बावजूद तोड़फोड़ की कोशिश की गई।
रविवार दोपहर बाद पहुंचे मजदूर
स्थानीय दुकानदार कैलासी रविंद्र सहाय के अनुसार, रविवार को दुकानें बंद थीं। दोपहर बाद कुछ मजदूर हथौड़े लेकर नगर निगम के कॉम्प्लेक्स में पहुंचे और ऊपर की छत पर चढ़कर तोड़फोड़ शुरू कर दी। जानकारी मिलने पर दुकानदार मौके पर पहुंचे तो काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका था।
दुकानदारों ने जब वहां मौजूद लोगों से उनके बारे में जानकारी मांगी तो कथित ठेकेदार ने नगर निगम के एई मिथुन राय के निर्देश पर काम करने की बात कही। दुकानदारों ने इसका विरोध करते हुए हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया। इसके बाद वहां मौजूद लोग काम रोककर वापस चले गए। घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी भी बताई गई है।
शिफ्टिंग के बाद ही ध्वस्तीकरण का दावा
दुकानदार रविंद्र सहाय का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक पहले कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट किया जाना है। इसके बाद ही मौजूदा भवन को हटाने की कार्रवाई हो सकती है।
दुकानदारों के मुताबिक नगर निगम की ओर से उन्हें बेनियाबाग क्षेत्र में तैयार हो रही दुकानों में स्थानांतरित करने की बात कही गई थी। ऐसे में अचानक कॉम्प्लेक्स में तोड़फोड़ शुरू किए जाने से दुकानदारों में असमंजस और आक्रोश की स्थिति पैदा हो गई।
शिकायत पर पहुंचे सहायक नगर आयुक्त
घटना की शिकायत नगर निगम अधिकारियों से किए जाने के बाद सोमवार को सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव मौके पर पहुंचे। उनके साथ नगर निगम के तहसीलदार, कर्मचारी और पुलिस बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने दुकानदारों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।
दुकानदारों के अनुसार, सहायक नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि रविवार को तोड़फोड़ करने पहुंचे लोग नगर निगम के कर्मचारी नहीं थे। इस पर दुकानदारों ने अधिकारियों से मांग की कि यदि वे निगम से जुड़े नहीं थे तो उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाए। आरोप है कि इस सवाल पर अधिकारी बिना स्पष्ट जवाब दिए वहां से चले गए।
कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप, मुकदमे की तैयारी
घटना के बाद दुकानदार अब मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यदि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद कॉम्प्लेक्स में तोड़फोड़ की गई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
दुकानदारों का यह भी दावा है कि रविवार को मौके पर पहुंचे लोगों ने नगर निगम के एई मिथुन राय का नाम लिया था। अब दुकानदार इस पूरे मामले में कोर्ट के आदेश की अवहेलना और कथित अवैध तोड़फोड़ को लेकर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
