40 कंपनियों ने लिया हिस्सा, किसी को पहली नौकरी की तलाश तो कोई बेहतर अवसर के लिए पहुंचा; परिवार के पास रहकर काम करने की भी दिखी चाह
वाराणसी (रणभेरी): किसी को पहली नौकरी की तलाश थी तो कोई वर्षों का अनुभव होने के बावजूद बेहतर अवसर की उम्मीद लेकर रोजगार मेले में पहुंचा। कुछ अभ्यर्थी दूसरे शहरों में नौकरी करने के बाद अब अपने परिवार के पास रहकर काम करना चाहते हैं। मंगलवार को जगतपुर इंटर कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित रोजगार मेले में युवाओं के साथ अनुभवी अभ्यर्थियों की भी अच्छी-खासी भीड़ जुटी। मेले का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने किया। इसमें गुजरात, नोएडा और लखनऊ समेत विभिन्न शहरों से करीब 40 कंपनियों ने प्रतिभाग किया।
अनुभव के बाद भी बेहतर नौकरी की तलाश
रोजगार मेले में दो ऐसे अभ्यर्थी भी पहुंचे, जिन्होंने वर्ष 1997 में बीएचयू से एमए की पढ़ाई पूरी की थी। दोनों अलग-अलग स्थानों पर नौकरी कर चुके हैं, लेकिन मौजूदा रोजगार से संतुष्ट नहीं हैं। बेहतर अवसर की तलाश में एक बार फिर रिज्यूमे लेकर मेले में पहुंचे। बीएचयू से पढ़े शिवमंगल ने बताया कि वह पहले ठेकेदारी का काम करते थे। उनकी बेटी नर्सिंग की पढ़ाई कर चुकी है, जबकि बेटा भी नौकरी की तैयारी कर रहा है। ऐसे में वह खुद भी बेहतर नौकरी की तलाश में मेले में पहुंचे हैं।
दिल्ली छोड़ अब वाराणसी में करना चाहते हैं काम
मेले में ऐसे अभ्यर्थी भी पहुंचे, जो दूसरे शहरों में नौकरी करने के बाद अब अपने गृह जनपद में रोजगार तलाश रहे हैं। एक महिला अपने चार साल के बच्चे के साथ मेले में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके पति पहले दिल्ली में नौकरी करते थे, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों और परिवार के साथ रहने की इच्छा के चलते अब वाराणसी में रोजगार की तलाश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, नौकरी के साथ परिवार के पास रहना भी उनके लिए महत्वपूर्ण है।
फ्रेशर्स की प्राथमिकता, किसी तरह मिले पहली नौकरी
रोजगार मेले में बड़ी संख्या में ऐसे युवा भी पहुंचे, जो पहली नौकरी की तलाश में हैं। इनका कहना था कि कंपनियां नौकरी के लिए अनुभव मांगती हैं, जबकि नए अभ्यर्थियों के पास अनुभव नहीं होता। ऐसे में उनकी प्राथमिकता किसी भी तरह शुरुआती नौकरी हासिल करना है, ताकि फ्रेशर का टैग हट सके और आगे बेहतर अवसर मिल सकें। करीब 40 कंपनियों की मौजूदगी से अभ्यर्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के विकल्प तलाशने का मौका मिला।
