रविवार रात आधे घंटे तक हुई बारिश से बदला मौसम, सुबह छाया घना कोहरा; दो से चार डिग्री तक बढ़ सकता है दिन का तापमान
वाराणसी (रणभेरी): बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब का असर कमजोर पड़ने के बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार शाम आसमान में छाए बादलों ने एक बार फिर बारिश कराई। रात करीब 8:30 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश लगभग आधे घंटे तक होती रही। इससे दिन में धूप के चलते बढ़ी गर्मी से राहत मिली और मौसम फिर ठंडा हो गया। सोमवार सुबह कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। उधर, बंगाल की खाड़ी में अब मुरासू चक्रवात की आहट से मौसम पर नए बदलाव की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल, अर्णब चक्रवात का प्रभाव कमजोर होने के साथ रविवार से आसमान साफ होने लगा था। सुबह कुछ देर से धूप निकली, लेकिन दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। शाम होते-होते आसमान बादलों से घिर गया और रात में बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई इस बारिश से तापमान में फिर गिरावट महसूस की गई।
लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सोमवार से आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान में लगभग इतनी ही गिरावट आने के आसार हैं। ऐसे में दिन का मौसम सामान्य होने लगेगा, लेकिन रात और सुबह ठंड का असर बढ़ेगा। सुबह के समय धुंध भी छाई रह सकती है।
सामान्य से 9.1 डिग्री नीचे पहुंच गया था पारा
चक्रवाती तूफान अर्णब का असर बुधवार से पूर्वांचल में दिखने लगा था। गुरुवार से तापमान में गिरावट शुरू हुई और गुरुवार-शुक्रवार को हुई बारिश ने ठंड बढ़ा दी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 9.1 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, बादलों के कारण न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जो सामान्य के करीब था।
शनिवार से बादल छंटने लगे और रविवार को धूप खिलने से अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई। दो दिनों की तुलना में पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस चढ़कर 30.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके बावजूद यह सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
बारिश से हजारों हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद
अर्णब चक्रवात के चलते हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। काशी में हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विभाग अपने स्तर से सर्वे करा रहा है। वहीं, फसल बीमा कराने वाले किसान मुआवजे के लिए लगातार आवेदन कर रहे हैं। विभाग के पास प्रतिदिन 10 से 15 आवेदन पहुंच रहे हैं। इसके अलावा कई किसानों ने टोल फ्री नंबर 14447 पर भी नुकसान की शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल नुकसान का पूरा आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
पिछले वर्ष भी बारिश के कारण धान की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। तब 10 हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए थे। इस बार आराजीलाइन के पयागपुर, बड़ागांव के चिलबिला, हरहुआ ब्लाक के औरा, लखापुर, मुर्दहा, चक्का और करोमा के अलावा राजातालाब के मोहनसराय तथा चौबेपुर के गरथौली सहित आसपास के इलाकों में फसल प्रभावित हुई है।
कई किसानों ने धान की कटाई के बाद फसल के ढेर खेतों में लगा रखे थे। बारिश के चलते ये ढेर भीग गए, जिससे अनाज को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की ओर से सर्वे पूरा होने के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
