हजरतगंज चौराहे पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, प्रदर्शनकारियों को जबरन वैन में बैठाकर ले गई पुलिस; ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग
(रणभेरी): समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताया, वहीं लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें पद से हटाने के साथ जेल भेजने की मांग की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
प्रदर्शन उग्र होता देख पुलिस ने कार्यकर्ताओं को सड़क से हटाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को पकड़कर वैन में बैठाने लगे। विरोध करने वाले कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिसकर्मी जबरन उठाकर ले गए। इस दौरान एक दो फीट के कद वाले कार्यकर्ता ने पुलिस की पकड़ से छूटने का प्रयास किया। इस पर एक दरोगा उसे गोद में उठाकर दौड़ पड़ा। घटना के दौरान पुलिसकर्मियों पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया गया।
35 करोड़ वोटों की चोरी का लगाया आरोप
प्रदर्शन में शामिल गणेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध करते रहेंगे।
गणेश ने आरोप लगाया कि 35 करोड़ से अधिक वोटों की चोरी कर अलग-अलग राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार बनवाने में मुख्य चुनाव आयुक्त ने मदद की है। उनका कहना था कि ज्ञानेश कुमार के इशारे पर पूरा चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है।
‘वोट चोरी से बनी भाजपा की सरकार’
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने और चुनावों में धांधली कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और वह भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आयोग ने पहले बिहार और पश्चिम बंगाल में गड़बड़ी की और अब उत्तर प्रदेश में भी ऐसा करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक उन्हें पद से नहीं हटाया जाता, तब तक उत्तर प्रदेश में चुनाव नहीं होने देंगे।
विपक्ष ने पहले ही उठाया था वोट चोरी का मुद्दा
प्रदर्शन में शामिल आशीष ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव लंबे समय से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। पार्टी की ओर से कई बार इस संबंध में साक्ष्य भी दिए गए, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इससे चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
आशीष ने कहा कि भाजपा की सरकार चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत से बन रही है। यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करता तो भाजपा कभी सत्ता में नहीं आती। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
