वाराणसी (रणभेरी): शिवरात्रि पर्व के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी दौरे की संभावनाएं प्रबल होती दिख रही हैं। प्रस्तावित आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। विभिन्न विभागों से उन योजनाओं और परियोजनाओं का ब्यौरा मांगा गया है, जिनका शिलान्यास या लोकार्पण प्रधानमंत्री के हाथों कराया जा सकता है। अनुमान है कि इस दौरे में वाराणसी को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाओं की सूची तैयार की जा रही है, ताकि शिलान्यास-लोकार्पण का समग्र कार्यक्रम अंतिम रूप ले सके। इसी क्रम में कमिश्नरी आवास परिसर में प्रस्तावित मंडलीय एकीकृत कार्यालय भवन के शिलान्यास की संभावना जताई जा रही है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर फोकस
शहर की यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी को मजबूती देने वाली कई बड़ी योजनाएं एजेंडे में हैं। इनमें सिग्नेचर रेल रोड ब्रिज, नगर निगम का नया सदन भवन और बहुप्रतीक्षित काशी रोपवे परियोजना शामिल हैं। रेलवे से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार के तहत बनारस स्टेशन पर तीसरी रेल लाइन के प्रस्ताव पर भी काम आगे बढ़ सकता है।
ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़ी पहल
जल निगम की ओर से प्रस्तावित सोलर पार्क और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को हरी झंडी मिलने के संकेत हैं। इसके साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में सर्किट हाउस परिसर में प्रदेश का पहला साइलेंट सब स्टेशन स्थापित करने की योजना भी तैयार है, जो बिना शोर के संचालित होगा।
सामाजिक सरोकार की योजनाएं भी सूची में
रामनगर क्षेत्र में बन रहे वृद्धाश्रम और वर्किंग वुमेन हॉस्टल का शिलान्यास भी संभावित कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग की कई सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के हाईवे प्रोजेक्ट्स और जिला अस्पतालों में डे-केयर सेंटर जैसी सुविधाओं के विस्तार की तैयारियां चल रही हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित सभी परियोजनाओं की कुल लागत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। अंतिम कार्यक्रम प्रधानमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद तय किया जाएगा।
