वाराणसी (रणभेरी): श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच भगवान विश्वेश्वर की विशेष आराधना का अनूठा क्रम शुरू किया गया है। तपते मौसम में श्रद्धालुओं और जनमानस को राहत एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने की भावना से मंदिर प्रशासन द्वारा प्रतिदिन फलों के रस और सुगंधित द्रव्यों से बाबा का विशेष अभिषेक कराया जा रहा है।
मंदिर न्यास की ओर से आयोजित इस विशेष पूजा में लीची, आम, बेल और गुलाब के रस का उपयोग कर भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रीष्म ऋतु में शीतलता प्रदान करने वाले खस, गुलाब और मोगरा के इत्र भी अर्पित किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में सुगंधित पुष्पों से तैयार विशेष मालाओं से बाबा का श्रृंगार किया जा रहा है, जिससे पूरा धाम भक्तिमय वातावरण से सराबोर दिखाई दे रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार सनातन परंपरा में गर्मी के दिनों में भगवान को शीतल पदार्थ अर्पित करने की प्राचीन मान्यता रही है। धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि आराध्य को शीतलता प्रदान करने से वातावरण में सकारात्मकता और संतुलन का संचार होता है। यही कारण है कि नौतपा के दौरान इस विशेष पूजा को केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि प्रकृति और आस्था के समन्वय का प्रतीक भी माना जा रहा है।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि नौतपा की अवधि में श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। भीषण धूप से राहत देने के लिए धाम परिसर और प्रवेश मार्गों पर जर्मन हैंगर तथा बड़ी कैनोपी लगाई गई हैं, ताकि दर्शनार्थियों को छाया मिल सके। इसके अलावा कई स्थानों पर मिस्ट फैन लगाए गए हैं, जो गर्म हवा के बीच ठंडक का एहसास करा रहे हैं।
श्रद्धालुओं के पैरों को गर्म जमीन से बचाने के लिए रास्तों पर जूट की मैट बिछाई गई है। बच्चों और बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए बिस्कुट, ओआरएस, ग्लूकोज और गुड़ की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में शुद्ध और ठंडे पेयजल के लिए 19 स्थानों पर वाटर कूलर तथा 10 जगहों पर पोर्टेबल वाटर काउंटर स्थापित किए गए हैं।

विशेष अभिषेक और श्रृंगार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं। भक्तों ने इसे आस्था और सेवा का अद्भुत संगम बताया। मंदिर प्रशासन का कहना है कि नौतपा समाप्त होने तक यह विशेष पूजा और श्रद्धालुओं के लिए राहत व्यवस्थाएं निरंतर जारी रहेंगी।
