वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी और मांसाहार परोसने के चर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से 8 आरोपियों को राहत मिल गई है। करीब दो महीने जेल में रहने के बाद अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। वहीं बाकी 6 आरोपियों की जमानत याचिका पर अब 18 मई को सुनवाई होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला और जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा शामिल थे, ने मामले की सुनवाई करते हुए दानिश सैफी, आमिर कैफी और नुरुल इस्लाम समेत आठ आरोपियों को जमानत दे दी। अन्य आरोपियों की याचिकाएं बाद में दाखिल हुई थीं, जिन पर अगली सुनवाई तय की गई है।
यह मामला 16 मार्च को सामने आया था, जब गंगा नदी के बीच नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में रोजेदारों के लिए बिरयानी और अन्य व्यंजन परोसे जाने का दावा किया गया था। इसके बाद हिंदू संगठनों और भाजपा युवा मोर्चा ने विरोध जताया था।
भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने उसी दिन कार्रवाई करते हुए 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में एसीपी कोर्ट ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपियों ने नाविक को दबाव में लेकर नाव बीच गंगा में ले जाकर पार्टी की थी। पुलिस ने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम के वीडियो और रील सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पीछे विशेष संदेश देने की मंशा थी।
बताया गया कि पार्टी में शामिल सभी युवक मदनपुरा क्षेत्र के ताड़तल्ला मोहल्ले के रहने वाले हैं और अधिकतर आपस में रिश्तेदार हैं। सभी की उम्र करीब 19 से 25 वर्ष के बीच बताई गई
