वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में बड़ागांव थाना क्षेत्र के बाबतपुर फोरलेन पर बुधवार देर रात सीएनजी सिलेंडरों से भरे एक मालवाहक वाहन में गैस रिसाव की घटना सामने आई। वाराणसी एयरपोर्ट से लगभग एक किलोमीटर पहले हुए इस घटनाक्रम से कुछ समय के लिए आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि वाहन चालक की तत्परता, फायर ब्रिगेड की सक्रियता और कंपनी की तकनीकी टीम की समय पर कार्रवाई के चलते संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है।
रात करीब 12:40 बजे हुई घटना
जानकारी के अनुसार सीएनजी सिलेंडरों से लदा एक वाहन निर्धारित स्थान पर आपूर्ति के लिए जा रहा था। बुधवार देर रात लगभग 12:40 बजे बाबतपुर फोरलेन पर चलते समय चालक को सिलेंडरों में से एक के वाल्व से गैस निकलने का आभास हुआ। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उसने बिना देर किए वाहन को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक दिया।
चालक ने दिखाई सूझबूझ
वाहन रोकने के बाद चालक ने तत्काल संबंधित सीएनजी कंपनी के अधिकारियों और फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी। चालक की इस सतर्कता के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
दमकल टीम ने संभाली स्थिति
सूचना मिलते ही पिंडरा फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। एहतियात के तौर पर आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर भेजा गया। साथ ही संभावित खतरे को देखते हुए दमकल कर्मियों ने क्षेत्र में लगातार पानी का छिड़काव किया, जिससे किसी भी प्रकार की चिंगारी या आग लगने की संभावना को कम किया जा सके।
तकनीकी जांच में सामने आई वाल्व की खराबी
कुछ ही देर बाद सीएनजी कंपनी की तकनीकी टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि एक सिलेंडर के वाल्व में तकनीकी खराबी आने के कारण गैस का रिसाव हो रहा था। कर्मचारियों ने खराब वाल्व और नोजल को बदल दिया, जिसके बाद रिसाव पूरी तरह बंद हो गया और स्थिति सामान्य हो गई।

समय रहते टला बड़ा खतरा
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि चालक समय रहते वाहन को सुरक्षित स्थान पर नहीं रोकता और सूचना देने में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। राहत की बात यह रही कि पूरी घटना के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई और न ही आसपास किसी प्रकार का नुकसान हुआ।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बाबतपुर फोरलेन पर इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। पिछले छह महीनों के दौरान तीन से चार बार सीएनजी सिलेंडरों से गैस रिसाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अधिकांश मामलों में वाल्व या नोजल की तकनीकी खराबी ही कारण बताई गई है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित कंपनियों से सिलेंडरों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
घटना के बाद अधिकारियों ने बताया कि गैस रिसाव पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। साथ ही सीएनजी परिवहन से जुड़े सभी वाहनों की नियमित तकनीकी जांच और सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर जांच कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
