वाराणसी (रणभेरी): यूजीसी एक्ट 2026 और प्रस्तावित जातीय जनगणना के मुद्दे पर सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध दर्ज किया गया। सरदार सेना और जनहित संकल्प पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
यह विरोध प्रदर्शन सरदार सेना के संस्थापक एवं जनहित संकल्प पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर. एस. पटेल के नेतृत्व में किया गया। ज्ञापन में मांग की गई कि यूजीसी एक्ट 2026 को संसद में औपचारिक रूप से पेश कर उस पर विस्तृत और पारदर्शी चर्चा सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही आगामी जनगणना प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम जोड़े जाने की भी मांग उठाई गई। संगठनों का कहना है कि जातीय आंकड़ों के अभाव में सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित रह जाती हैं।
डॉ. पटेल ने कहा कि जब तक जातीय जनगणना नहीं होगी, तब तक सामाजिक और शैक्षणिक असमानताओं की वास्तविक तस्वीर सामने नहीं आ सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतिगत ढांचे में वंचित और पिछड़े वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

सरदार सेना ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूजीसी एक्ट और जातीय जनगणना को लेकर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन प्रदेश स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
