वाराणसी (रणभेरी): नए शैक्षणिक सत्र से काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और उससे संबद्ध कॉलेजों में परास्नातक स्तर पर कई अहम बदलाव लागू किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जहां कुछ पीजी कोर्स बंद करने का फैसला लिया है, वहीं कई पाठ्यक्रमों के नाम और फीस संरचना में भी संशोधन किया गया है।
दो पीजी कोर्स बंद करने का निर्णय
विश्वविद्यालय ने आगामी सत्र से एमए क्लीनिकल साइकोलॉजी और एमएससी साइकियाट्रिक नर्सिंग को पीजी बुलेटिन से हटाने का फैसला किया है। इसके अलावा योग शिक्षा से जुड़े कोर्स का नाम बदलकर अब “योग शिक्षा में आचार्य (एमए)” कर दिया गया है।
योग शिक्षा कोर्स में प्रवेश शुल्क बढ़ा
योग शिक्षा में आचार्य (एमए) की कुल फीस में वृद्धि की गई है। पहले जहां इस कोर्स के लिए 10 हजार रुपये लिए जाते थे, अब इसमें एक हजार रुपये प्रवेश शुल्क जोड़ते हुए कुल फीस 11 हजार रुपये कर दी गई है।
डीएवी पीजी कॉलेज में 25–40% तक फीस वृद्धि
बीएचयू से संबद्ध डीएवी पीजी कॉलेज में भी फीस संरचना में बड़ा बदलाव किया गया है।
- कला संकाय की फीस 6760 रुपये से बढ़ाकर 10,200 रुपये कर दी गई है।
- सामाजिक विज्ञान संकाय की फीस 16,760 रुपये से बढ़कर 20,200 रुपये हो गई है।
- वाणिज्य संकाय में फीस बढ़ाकर 13,200 रुपये कर दी गई है।
वसंत महिला कॉलेज में सेमेस्टर सिस्टम लागू
राजघाट स्थित वसंत महिला कॉलेज में अब कई पीजी कोर्सों की फीस सालाना के बजाय सेमेस्टर के आधार पर ली जाएगी।
- एमकॉम: सालाना 24,200 की जगह 12,100 रुपये प्रति सेमेस्टर
- बीएड: 14,200 सालाना की जगह 7,100 रुपये प्रति सेमेस्टर
- एमएड: 30,200 की जगह 15,100 रुपये प्रति सेमेस्टर
- एमए भूगोल: 13,200 की जगह 6,600 रुपये प्रति सेमेस्टर
इसी तर्ज पर एमए गृह विज्ञान, पुरातत्व, अंग्रेजी, हिंदी, दर्शनशास्त्र, संस्कृत, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र की फीस भी अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत जमा कराई जाएगी। नए सत्र से लागू इन बदलावों का असर पीजी स्तर पर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की जेब पर साफ दिखाई देगा।
