वाराणसी (रणभेरी): राजातालाब तहसील परिसर में सोमवार को लेखपालों ने उपजिलाधिकारी (SDM) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। यह प्रदर्शन लेखपाल संघ के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल हुए।
प्रदर्शन कर रहे लेखपालों ने आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी द्वारा एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है। लेखपालों का कहना है कि इस ग्रुप में अन्य विभागों के अधिकारी भी जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। हाल ही में की गई कुछ टिप्पणियों, विशेषकर “जमीर” को लेकर की गई बातों, से उनमें गहरा असंतोष है।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष राजेश मौर्य ने बताया कि कर्मचारियों पर फार्मर आईडी तैयार करने का अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अवकाश के दिनों, विशेषकर रविवार को भी कार्य करने के निर्देश दिए जाते हैं, जबकि इसके बदले कोई अतिरिक्त अवकाश या सुविधा नहीं दी जाती। उन्होंने मांग की कि यदि इस प्रकार का कार्य कराया जाना है, तो इसके लिए स्पष्ट और लिखित आदेश जारी किए जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने यह मुद्दा भी उठाया कि कई लेखपालों को फील्ड कार्य से हटाकर कार्यालयों में अटैच कर दिया गया है, जिससे जमीनी स्तर पर काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने ऐसे सभी लेखपालों को पुनः फील्ड में तैनात करने की मांग की।
लेखपालों के अनुसार, लगभग पंद्रह दिन पूर्व उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर चार बिंदुओं का ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा था, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में यह धरना-प्रदर्शन किया गया। लेखपालों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
