वाराणसी (रणभेरी): कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथित विवादित टिप्पणियों को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों के विरोध में अधिवक्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की। पुलिस कमिश्नर की गैरमौजूदगी में अधिवक्ताओं ने एसीपी को पत्रक सौंपते हुए मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि कथावाचक के बयानों से सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।
मौके पर मौजूद अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन धर्म की आस्था को ठेस पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जो राम और कृष्ण को बांटने की बात करता है, वह धर्माचार्य नहीं हो सकता। समाज के हर वर्ग को ऐसे बयानों की निंदा करनी चाहिए।
विकास सिंह ने आरोप लगाया कि पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर यह टिप्पणी की गई कि ‘तुम्हारे कृष्ण टेढ़े हैं, हमारे राम सीधे हैं, बंसी बजाना खेल है।’ इसके बाद भगवान श्रीराम को लेकर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी प्रसारित हुई, जिसमें उनके पांच पिता होने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच रही है।
वहीं, सेंट्रल बार के महामंत्री आशीष सिंह ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के कथित बयान से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में प्रशासन को निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
