वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में एमआरआई और सीटी स्कैन सेवाओं के संचालन से जुड़े टेंडर का विवाद अब लोकपाल के समक्ष पहुंच गया है। शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद लोकपाल ने बीएचयू प्रशासन को नोटिस जारी किया है। प्रशासन को 14 अक्टूबर को निर्धारित सुनवाई में अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।
मामला अगस्त 2024 में जारी किए गए उस टेंडर से संबंधित है, जिसके तहत सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से कराया जाना था। टेंडर प्रक्रिया में एक एजेंसी को जिम्मेदारी दिए जाने का प्रावधान था।
अनियमितता के आरोपों के बाद रद्द हुआ था टेंडर
टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद इसमें कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत सामने आई। शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। प्रकरण को लेकर लंका थाने में भी मुकदमा दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी।
इसी घटनाक्रम से जुड़ी शिकायत लोकपाल के समक्ष भी दाखिल की गई। शिकायत पर प्रारंभिक स्तर पर जांच के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा गया है।
सुनवाई में रखना होगा प्रशासन का पक्ष
लोकपाल के नोटिस के मुताबिक बीएचयू प्रशासन को 14 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान मामले से संबंधित अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। संबंधित पक्ष को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के अलावा अधिकृत प्रतिनिधि अथवा अधिवक्ता के माध्यम से पक्ष रखने की अनुमति भी दी गई है।
लिखित जवाब की आठ प्रतियां जमा करनी होंगी
यदि विश्वविद्यालय प्रशासन सुनवाई से पहले लिखित जवाब दाखिल करना चाहता है तो उसे इसकी आठ प्रतियां निर्धारित तिथि से कम से कम एक सप्ताह पहले लोकपाल कार्यालय में जमा करनी होंगी। अब 14 अक्टूबर की सुनवाई में टेंडर प्रक्रिया, उस पर उठे सवालों और विश्वविद्यालय की ओर से की गई कार्रवाई से संबंधित पक्ष सामने आने की उम्मीद है।
