(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बर्खास्त पुलिसकर्मी ने जेल जाने से बचने के लिए अपनी मौत का नाटक रच डाला। इस खौफनाक साजिश के तहत उसने एक लावारिस भिखारी की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए अपने ही दस्तावेज उसके पास छोड़ दिए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने रेलवे स्टेशन पर सो रहे एक भिखारी को निशाना बनाया। रात के समय सुनसान प्लेटफॉर्म पर उसने उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। घटना के बाद उसने अपना आधार कार्ड और मोबाइल वहीं छोड़ दिया, ताकि शव की पहचान उसी के रूप में हो सके।

हालांकि, इस वारदात के दौरान आरोपी खुद भी गंभीर रूप से झुलस गया। शुरुआती दो दिन उसने छिपकर दवाइयों से इलाज करने की कोशिश की, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। बाद में डॉक्टरों ने उसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

उधर, जली हुई लाश मिलने के बाद पुलिस ने शुरुआती जांच में उसे आरोपी सिपाही का शव मान लिया। लेकिन रेलवे स्टेशन पर नियमित रूप से दिखने वाला भिखारी अचानक गायब होने पर संदेह गहरा गया। स्थानीय लोगों की जानकारी और जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी जिंदा है और इलाज करा रहा है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अस्पताल में अपने असली नाम और पते से ही इलाज कराया था, जिससे उसकी पहचान उजागर हो गई। पुलिस ने उसके ठीक होने का इंतजार किया और डिस्चार्ज होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह खुद को मृत घोषित कराकर कहीं और जाकर बसना चाहता था, ताकि पुराने मामलों में गिरफ्तारी से बच सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ कई जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था। इस पूरे मामले में पुलिस की सतर्कता और स्थानीय लोगों की सूचना अहम साबित हुई, जिससे एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो सका।
