वाराणसी (रणभेरी) : आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी ने गंभीर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन का ध्यान विभिन्न कथित अनियमितताओं की ओर आकर्षित किया है। पार्टी के महानगर अध्यक्ष दिलीप डे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में व्यापक स्तर पर त्रुटियों की शिकायत दर्ज कराई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद किए गए परीक्षण में कई ऐसी खामियां सामने आई हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन कई मामलों में सही तरीके से नहीं किया गया है।
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों को फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित विवरण उपलब्ध कराना आवश्यक होता है, जिससे नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, नाम हटाने अथवा संशोधन संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जा सके। लेकिन संबंधित सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिससे राजनीतिक दलों को सूची की निगरानी और जांच में कठिनाई का सामना करना पड़ा।

ज्ञापन में वार्डवार मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि परिसीमन के अनुरूप मतदाताओं के नाम दर्ज नहीं किए गए हैं। कई मतदाताओं के नाम उनके वास्तविक वार्ड की बजाय दूसरे वार्डों में दर्ज पाए गए। उदाहरण स्वरूप कैंट विधानसभा क्षेत्र के मदनपुरा वार्ड से जुड़े कुछ मतदाताओं के नाम शिवाला वार्ड की सूची में दर्ज होने की बात सामने आई है। इससे मतदाताओं के मतदान केंद्रों को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिन नागरिकों के नाम पहले से ही मतदाता सूची में वैध रूप से दर्ज हैं, उन्हें भी सत्यापन और दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए। पार्टी का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से आम मतदाताओं में अनावश्यक असमंजस और परेशानी बढ़ रही है।
ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी के अनुसार अनेक ऐसे मतदाता, जिन्होंने निर्धारित समय में सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे, उनके नाम ड्राफ्ट सूची से गायब पाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल बताए गए हैं, जिन्होंने आवश्यक आवेदन या प्रपत्र तक जमा नहीं किए थे। इस स्थिति को लेकर पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी दावा किया कि सूची में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम मौजूद हैं जो वर्तमान में संबंधित पते पर निवास नहीं करते हैं। इसके अलावा कई मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची के नवीन संस्करण में भी अनेक मतदाताओं के पुराने फोटोग्राफ लगे हुए हैं, जिससे पहचान संबंधी दिक्कतें उत्पन्न हो सकती हैं।

समाजवादी पार्टी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मतदाता सूची में सामने आई सभी शिकायतों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। साथ ही जिन मामलों में त्रुटियां पाई गई हैं, उनका शीघ्र निराकरण करते हुए सूची को त्रुटिरहित बनाया जाए, ताकि आगामी चुनावी प्रक्रिया में किसी भी मतदाता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना अत्यंत आवश्यक है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं हो सकती।
