(रणभेरी): शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान के विरोध में पद से इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री शनिवार को अपने पैतृक नगर कानपुर पहुंचे। केशव नगर स्थित उनके आवास पर पहुंचते ही महिलाओं ने शंखनाद कर उनका स्वागत किया। मां गीता अग्निहोत्री ने पुष्पमाला पहनाकर उन्हें गले लगाया। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे। लोगों ने फूल-मालाओं से लादते हुए ‘देखो-देखो शेर आया’ जैसे नारे लगाए। ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न का माहौल रहा। अलंकार अग्निहोत्री ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वह दो-तीन दिनों में आगे की रणनीति तय कर शंकराचार्य से मुलाकात करेंगे। हालांकि फिलहाल शंकराचार्य की ओर से किसी पद या दायित्व को स्वीकार करने का उनका कोई इरादा नहीं है।
SC-ST एक्ट की वापसी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उनका अगला बड़ा मुद्दा SC-ST एक्ट की समीक्षा और वापसी है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के तहत बड़ी संख्या में फर्जी शिकायतें दर्ज होती हैं, जिससे सामान्य वर्ग और OBC समाज के लोगों को प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सात दिन के भीतर इस पर विशेष संसदीय सत्र बुलाकर निर्णय नहीं लेती, तो देशव्यापी आंदोलन के साथ दिल्ली कूच किया जाएगा।
UGC रेगुलेशन पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप
UGC रेगुलेशन 2026 को लेकर अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित साजिश है, जिसका उद्देश्य सामान्य वर्ग और OBC समाज को आपस में टकराना है। उनका दावा है कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यह रणनीति बनाई गई। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से फिलहाल इस पर रोक लगी है।

उन्होंने कहा कि उनके संपर्क में विभिन्न राजनीतिक दलों के अलावा ब्राह्मण, किसान, सवर्ण, OBC और SC-ST संगठनों के प्रतिनिधि भी हैं।
केंद्र सरकार पर ‘वेस्ट इंडिया कंपनी’ का आरोप
अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर व्यंग्यात्मक हमला करते हुए कहा कि जैसे कभी ईस्ट इंडिया कंपनी ने देश को लूटा था, वैसे ही अब ‘वेस्ट इंडिया कंपनी’ देश को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों के जरिए जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
26 जनवरी को दिया था इस्तीफा, निलंबन और जांच जारी
सिटी मजिस्ट्रेट ने 26 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे का कारण UGC का नया कानून और शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट बताया गया। हालांकि शासन ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उन्हें निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दिन शाम को डीएम आवास में उन्हें करीब 45 मिनट तक रोके रखा गया और मानसिक दबाव बनाया गया। बाद में SSP के हस्तक्षेप पर उन्हें छोड़ा गया।

5 पन्नों का पत्र, ब्राह्मण समाज पर सवाल
अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे के साथ पांच पन्नों का पत्र सौंपा था, जिसमें प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुई घटना का जिक्र है। उन्होंने इसे ब्राह्मण समाज के आत्मसम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया और सवाल उठाया कि क्या समाज को सुनियोजित तरीके से अपमानित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं और ब्राह्मण समाज से आते हैं। इससे पहले भी वे कार्यालय में बजरंगबली की तस्वीर लगाने को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।
