(रणभेरी): अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करते हुए सीमा राजभर को महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। पूर्वांचल के बलिया जिले से आने वाली सीमा पहले ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से जुड़ी रही हैं। वह वहां महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी थीं।
सपा में बढ़ता कद
2022 विधानसभा चुनाव के बाद सीमा राजभर ने सुभासपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें महिलाओं के शोषण और परिवारवाद जैसे मुद्दे शामिल थे। इसके बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं। पार्टी ने उन्हें पहले छात्र सभा का राष्ट्रीय सचिव बनाया था, और अब महिला मोर्चा की कमान देकर उनका कद और बढ़ाया गया है।

जूही सिंह को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
इससे पहले महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह थीं। नई घोषणा भी उन्हीं के जरिए कराई गई। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व उन्हें आगे किसी बड़ी भूमिका में ला सकता है।
पूर्वांचल की राजनीति पर नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले के जरिए सपा पूर्वांचल में राजभर समुदाय के वोट बैंक में पकड़ मजबूत करना चाहती है। सीमा राजभर की पृष्ठभूमि और उनके पुराने संबंध इस रणनीति को मजबूती दे सकते हैं। साथ ही, इसे पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा पर सपा का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा का रुख साफ नहीं है और वह जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, सपा हमेशा आरक्षण के पक्ष में रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए भी भाजपा विपक्ष की तरह व्यवहार कर रही है। साथ ही, यह भी आरोप लगाया कि सरकार आंकड़ों को छिपा रही है और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।
‘पीडीए’ को बताया नई ताकत
अखिलेश यादव ने ‘पीडीए’ को नई पीढ़ी की असली ताकत बताते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्ग अब एकजुट होकर बदलाव की दिशा में बढ़ रहे हैं। उनका दावा है कि यही सामाजिक गठजोड़ भविष्य की राजनीति तय करेगा।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
सपा प्रमुख ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि सरकारी योजनाएं और सेवाएं कमजोर हो गई हैं, जिससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
