(रणभेरी): वृंदावन के वाराह घाट क्षेत्र स्थित गुरु कृपा कुंज भवन में 25 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक भवन की चौथी मंजिल से नीचे गिरा था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, भवन में लगे सीसीटीवी फुटेज में युवक के चौथी मंजिल से नीचे गिरने की घटना रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कमरे से मिला संदिग्ध सामान
घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भवन में पहुंचकर जांच की। अधिकारियों के अनुसार, युवक के कमरे से एक ग्राइंडर समेत कुछ सामान मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए हैं।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने युवक के शरीर के निचले हिस्से में चोट होने की बात कही है। इस संबंध में पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। घटनास्थल से मिले सामान और चोटों की प्रकृति को लेकर फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

परिवार ने लगाए ये आरोप
पुलिस के मुताबिक, युवक के परिवार के लोग मथुरा पहुंच चुके हैं। परिवार की ओर से थाने में शिकायत दी गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें रसिक दुलारी से आसानी से मिलने नहीं दिया जाता था। पुलिस का कहना है कि इन आरोपों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि युवक के मोबाइल फोन और डेटा की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले उसकी किन लोगों से बातचीत हुई थी और उस दौरान उसकी परिस्थितियां क्या थीं।
दो साल पहले ली थी दीक्षा
पुलिस और परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, रसिक दुलारी शरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो साल पहले वह वृंदावन आए थे। इसी दौरान उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और अपना पुराना नाम दीपक लोधी बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया।

बताया गया है कि वह तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनकी मां करीब एक साल पहले वृंदावन आई थीं और यहां कुछ दिन रुकने के दौरान बेटे से मुलाकात भी करती थीं। रसिक दुलारी के बारे में यह भी बताया जाता है कि उन्होंने नर्मदा की लंबी परिक्रमा की थी।
आश्रम में बिजली का काम देखते थे
रसिक दुलारी को बिजली के काम का अनुभव था। इसी वजह से आश्रम से जुड़ी सेवा में उन्हें विद्युत संबंधी काम सौंपा गया था। करीब तीन महीने पहले उन्हें गुरु कृपा कुंज भवन की चौथी मंजिल पर रहने के लिए कमरा मिला था। गुरु कृपा कुंज भवन में आश्रम से जुड़े कई शिष्य और सेवादार रहते हैं। यह परिसर केली कुंज ट्रस्ट से जुड़ा बताया गया है।
अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद रसिक दुलारी कुछ समय तक मौके पर ही पड़े रहे। बाद में आश्रम से जुड़े लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
अस्पताल की ओर से बताया गया कि युवक को जब वहां लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि अस्पताल तक पहुंचाने में कितना समय लगा और सूचना पुलिस तक किस समय पहुंची।
मोबाइल और सीसीटीवी से खुलेगा राज
सीओ संदीप सिंह के मुताबिक, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित कर उनकी जांच कराई जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन की जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि अभी मौत के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। घटना आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति रही, इसका निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
प्रेमानंद महाराज से जुड़ा रहा है केली कुंज
गुरु कृपा कुंज भवन वृंदावन के वाराह घाट क्षेत्र में स्थित है। यह परिसर संत प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट से जुड़ा बताया जाता है। प्रेमानंद महाराज पहले केली कुंज आश्रम में रहते थे। बाद में उन्होंने वहां से स्थान बदल लिया और वर्तमान में यमुना विहार कुंज आश्रम में रहने की जानकारी सामने आई है।
राधा अष्टमी के अवसर पर उनके केली कुंज आने और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद वह वापस नए आश्रम चले गए थे।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। युवक की मौत के वास्तविक कारण और घटना से पहले की परिस्थितियों का पता पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और सीसीटीवी जांच के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
