वक्फ बिल पर लोकसभा में अखिलेश ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा-जिनके लिए ये बिल है उनकी बात नहीं सुनी जा रही

(रणभेरी): लोकसभा में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है। विधेयक पेश होने के बाद इस पर चर्चा हुई। वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल नाकामी पर पर्दा है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम। रातोंरात नोटबंदी का फैसला लिया। नोटबंदी की नामाकी पर भी चर्चा जरूरी है। वक्फ बिल मुसलमानों के लिए है। मुसलमानों की बात ही नहीं सुन रहे। अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल के पीछे ना नीति सही, ना नियत सही। भाजपा ध्रुवीकरण का फायदा उठानी चाहती है। भाजपा मुस्लिम भाईचारे को बांटना चाहती है। भाजपा को अपने वोटबैंक में गिरावट की चिंता है।
अखिलेश ने कहा कि चीन के कब्जे वाली जमीन ज्यादा बड़ा मुद्दा है। चीन ने जिस जमीन पर गांव बसाए वो बड़ा मुद्दा है। रेलवे की जमीनों को बेचा जा रहा है। रेलवे हो या डिफेंस सारी जमीनें भारत की हैं। अखिलेश यादव ने मांग की है कि कुंभ में जान गंवाने वालों के नाम बताए जाएं। कुंभ हमारे लिए कारोबार का जरिए नहीं है। महाकुंभ की मौतों पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे ईद के कार्यक्रमों में जाने से रोका गया। देश मिलीजुली सांकृति से बना है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, "जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है, वह अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।" इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मेरे सामने जितनी भी पार्टियां हैं, उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ परिवार के लोग ही करेंगे। हमें 12-13 करोड़ सदस्यों में से प्रक्रिया के बाद चुनना है। इसलिए इसमें समय लगता है। आपके मामले में तो ज्यादा समय नहीं लगेगा। मैं तो कह रहा हूं कि आप 25 साल तक अध्यक्ष बने रहेंगे..."
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा, "मैं ये पूछना चाहता हूं कि ये बिल अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने बनाया कि किसी और विभाग ने बनाया है? यह बिल कहां से आया?...आज देश में अल्पसंख्यकों की हालत ऐसी हो गई है कि आज सरकार को उनके धर्म का प्रमाण पत्र देना पड़ेगा...क्या वे दूसरे धर्मों से प्रमाण पत्र मांगेंगे कि आपने पांच साल पूरे किए हैं या नहीं? इस बिल में ऐसा क्यों पूछा जा रहा है? सरकार धर्म के इस मामले में क्यों दखल दे रही है..."