NEET Crisis: 36 दिनों में 12 छात्रों की मौत का दावा, CJP ने PM मोदी से मांगा 1 करोड़ मुआवजा, कल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

NEET Crisis: 36 दिनों में 12 छात्रों की मौत का दावा, CJP ने PM मोदी से मांगा 1 करोड़ मुआवजा, कल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

(रणभेरी): NEET परीक्षा से जुड़े छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया आधारित संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उन परिवारों को आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया है, जिनके बच्चों ने कथित तौर पर परीक्षा और उससे जुड़े दबावों के कारण आत्महत्या की है।

पत्र में उन्होंने मांग की है कि ऐसे प्रत्येक प्रभावित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग भी दोहराई गई है।

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता

दीपके ने अपने पत्र में कहा कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बढ़ता तनाव युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। उनका कहना है कि यदि इस दिशा में समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो छात्रों और अभिभावकों के बीच निराशा और असंतोष और बढ़ सकता है।

संगठन ने यह भी घोषणा की है कि 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इससे पहले विभिन्न शहरों में भी विरोध कार्यक्रम किए जा चुके हैं, जिनमें नागपुर, जयपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अमृतसर शामिल हैं।

36 दिनों में कई छात्रों की मौत का दावा

संगठन का दावा है कि पिछले 36 दिनों के दौरान NEET परीक्षा से जुड़े 12 छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है। इसी बीच मध्य प्रदेश के इंदौर से भी एक दुखद घटना सामने आई, जहां NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में उपचार के दौरान मौत का शिकार हो गई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इन घटनाओं के बाद विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी हैं।

सोशल मीडिया अभियान से बना राष्ट्रीय मुद्दा

CJP की शुरुआत मई महीने में हुई थी। संगठन के अनुसार इसकी प्रेरणा न्यायपालिका से जुड़ी एक टिप्पणी के बाद मिली, जिसमें बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक नए अभियान की शुरुआत की गई, जिसने तेजी से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

कुछ ही दिनों में संगठन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। संगठन का दावा है कि इस अभियान को लाखों लोगों का समर्थन मिला।

सोशल मीडिया पर बड़ी मौजूदगी

CJP ने कम समय में सोशल मीडिया पर उल्लेखनीय लोकप्रियता हासिल की है। संगठन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर करोड़ों फॉलोअर्स होने का दावा किया जाता है। हाल के दिनों में फॉलोअर्स की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद संगठन सोशल मीडिया पर सक्रिय और प्रभावशाली उपस्थिति बनाए हुए है।

कौन हैं अभिजीत दीपके?

अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर क्षेत्र से संबंध रखते हैं और डिजिटल मीडिया रणनीति के क्षेत्र में काम कर चुके हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद सार्वजनिक संचार और जनसंपर्क के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया। वर्तमान में वे बोस्टन में उच्च अध्ययन कर रहे हैं।

बढ़ती बहस

NEET परीक्षा, छात्रों पर बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े तनाव को कम करने, काउंसलिंग सुविधाओं को मजबूत बनाने और छात्रों के लिए सहायक वातावरण तैयार करने की दिशा में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है। सरकार की ओर से इस विषय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जबकि छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों द्वारा आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए गए हैं।

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