(रणभेरी): Narendra Modi और Giorgia Meloni की मुलाकात एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई। इटली दौरे के अंतिम चरण में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का रोम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद आत्मीय अंदाज में स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दोस्ताना माहौल देखने को मिला और एक हल्के-फुल्के पल ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच लिया।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को ‘मेलोडी’ नाम की टॉफी भेंट की। इसके बाद मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए मजाकिया अंदाज में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके लिए “बहुत स्वादिष्ट मेलोडी टॉफी” लेकर आए हैं। उन्होंने इस उपहार के लिए मोदी का धन्यवाद भी जताया। यह वीडियो और दोनों नेताओं की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं।

रोम की सड़कों पर साथ नजर आए दोनों नेता
इटली पहुंचने के बाद मोदी और मेलोनी ने औपचारिक बैठकों से पहले अनौपचारिक मुलाकात भी की। दोनों नेता एक ही कार में रोम शहर के कई हिस्सों में घूमते नजर आए। इस दौरान उन्होंने दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में शामिल लगभग दो हजार वर्ष पुराने Colosseum का भी दौरा किया।

सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने साथ में डिनर भी किया, जहां वैश्विक राजनीति, आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी और तकनीकी विकास जैसे मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई। मेलोनी ने मोदी के साथ एक सेल्फी भी साझा की और लिखा “वेलकम माय फ्रेंड।” इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर #Melodi और #ModiMeloni जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
औपचारिक वार्ता में कई अहम मुद्दों पर चर्चा संभव
प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारत और इटली के संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए दोनों देशों के बीच व्यापक बातचीत जारी रहेगी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी और एडवांस टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।

राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और इटली अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप” का दर्जा देने पर विचार कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो दोनों देशों के संबंधों को नई रणनीतिक दिशा मिलेगी। साथ ही, भविष्य में नियमित वार्षिक शिखर बैठकें आयोजित करने की योजना पर भी चर्चा हो सकती है।

तेजी से मजबूत हो रहे हैं भारत-इटली संबंध
पिछले कुछ वर्षों में भारत और इटली के रिश्तों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया है।
वर्तमान में भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय व्यापार 14 अरब यूरो से अधिक बताया जा रहा है। भारतीय और इतालवी कंपनियां ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा उपकरण और विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर काम कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप में भारत की रणनीतिक उपस्थिति मजबूत करने में इटली महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है। वहीं इटली भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव को महत्वपूर्ण मानता है।
उद्योगपतियों से भी करेंगे मुलाकात
अपने इटली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी देश के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी समूहों से भी मुलाकात कर सकते हैं। इस बैठक में भारत में निवेश, नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, टेक्नोलॉजी साझेदारी और औद्योगिक सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इटली की कई कंपनियां भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी और हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाने में रुचि दिखा रही हैं।
IMEC कॉरिडोर रहेगा मुख्य फोकस
इस दौरे का एक बड़ा केंद्र बिंदु India-Middle East-Europe Economic Corridor भी माना जा रहा है। भारत और इटली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने और यूरोप-एशिया व्यापार कनेक्टिविटी मजबूत करने पर चर्चा कर सकते हैं।
IMEC परियोजना का उद्देश्य भारत को खाड़ी देशों के रास्ते यूरोप से जोड़ना है। इस योजना के तहत रेलवे नेटवर्क, बंदरगाह, समुद्री मार्ग, ऊर्जा पाइपलाइन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आपस में जोड़ा जाएगा।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी, जिसमें भारत, यूरोपीय संघ, अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई, फ्रांस, जर्मनी और इटली सहित कई देशों ने भागीदारी की थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे चीन की बेल्ट एंड रोड पहल के विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि IMEC के शुरू होने से भारत और यूरोप के बीच व्यापार तेज होगा, परिवहन लागत घटेगी और वैश्विक सप्लाई चेन अधिक मजबूत बन सकेगी।
पांच देशों के दौरे का अंतिम पड़ाव
इटली प्रधानमंत्री मोदी की हालिया विदेश यात्रा का अंतिम पड़ाव है। इससे पहले उन्होंने UAE, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा किया। इससे पहले जून 2024 में भी मोदी इटली पहुंचे थे, जहां उन्होंने G7 Summit 2024 में भाग लिया था। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मोदी और मेलोनी की बढ़ती नजदीकी केवल व्यक्तिगत मित्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और इटली के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का संकेत भी है।
